अंबिकापुर में दूषित पानी की खबरें अफवाह, जांच में जल आपूर्ति सुरक्षित: जितेंद्र सोनी

अंबिकापुर में दूषित पानी की खबरें अफवाह, जांच में जल आपूर्ति सुरक्षित: जितेंद्र सोनी

अंबिकापुर। नगर निगम अंबिकापुर के मोमिनपुरा और नवागढ़ क्षेत्र में दूषित पानी सप्लाई के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए नगर निगम एमआईसी जल प्रदाय प्रभारी जितेंद्र सोनी ने कहा है कि पानी की गुणवत्ता पूरी तरह सुरक्षित पाई गई है। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष शफी अहमद के आरोपों को भ्रामक बताते हुए इसे “गंदी राजनीति” करार दिया।

प्रेस को जारी बयान में उन्होंने बताया कि 22 फरवरी को समाचार प्रकाशित होने के बाद निगम अमले ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर विभिन्न घरों से 100 एमएल पानी के सैंपल एकत्र किए। इन सैंपलों को जांच के लिए राजमाता देवेंद्र कुमारी सिंहदेव शासकीय मेडिकल कॉलेज तथा सूरजपुर स्थित एनएबीएल प्रमाणित लैब में भेजा गया। सभी जांच रिपोर्ट में पानी निर्धारित मानकों पर खरा उतरा और किसी प्रकार की बीमारी की आशंका नहीं पाई गई।

उन्होंने पीलिया से दो मौतों के दावे को भी असत्य बताया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा गया कि संबंधित व्यक्तियों की मृत्यु अन्य बीमारियों के कारण हुई है, न कि दूषित पानी से।


जितेंद्र सोनी ने बताया कि 23, 24 और 25 फरवरी को नवागढ़, मोमिनपुरा, अयान मार्ग, रसूलपुर, पर्राडाड और बरेज पारा सहित कई मोहल्लों से नमूने लेकर जांच कराई गई। मेडिकल कॉलेज अंबिकापुर और सूरजपुर की एनएबीएल लैब से कुल मिलाकर सभी सैंपल गुणवत्तायुक्त पाए गए।

स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि पीलिया से 42 लोगों के प्रभावित होने का दावा भी भ्रामक है। जांच में अधिकांश लोग तीन माह पहले स्वस्थ हो चुके पाए गए, जबकि वर्तमान में केवल पांच लोगों का उपचार चल रहा है। अब तक 100 ब्लड सैंपल की जांच में सिर्फ एक व्यक्ति में पीलिया के लक्षण पाए गए हैं।

एमआईसी प्रभारी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और नेता प्रतिपक्ष द्वारा शहर में पीलिया महामारी की अफवाह फैलाकर जनता में भय का माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने नगरवासियों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी शंका की स्थिति में आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें।

एक टिप्पणी भेजें

और नया पुराने