ना पुलिस, ना न्यायालय… सरगुजा में आखिर किसकी चलेगी?

ना पुलिस, ना न्यायालय… सरगुजा में आखिर किसकी चलेगी?


  • डीसी रोड के जमीन विवाद ने पकड़ा तूल
  • राजनीतिक दबाव के आरोपों से गरमाया मामला

अम्बिकापुर। सरगुजा के अंबिकापुर स्थित डीसी रोड में दो परिवारों के बीच चल रहा जमीन, रास्ता और वसीयत का विवाद अब विस्फोटक मोड़ पर पहुंच चुका है। हालात ऐसे बन गए हैं कि इलाके में कभी भी बड़ा टकराव होने की आशंका जताई जा रही है।

प्रशासनिक रिपोर्ट में सामने आए गंभीर आरोप

प्रशासनिक दस्तावेजों के अनुसार, नायब तहसीलदार अंबिकापुर-03 ने 27 अप्रैल 2026 को एसडीएम (राजस्व) को भेजी रिपोर्ट में रास्ता बाधित करने, वाहन खड़ा कर आवागमन रोकने और विवादित भूमि पर कब्जे जैसे गंभीर आरोपों का उल्लेख किया है। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि विवादित भूमि पर पहले से पार्किंग होती रही है और दोनों पक्षों के बीच आवागमन को लेकर लगातार तनाव बना हुआ है।

न्यायालय में मामला लंबित, फिर भी नहीं थम रहा विवाद

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यह मामला पहले से ही व्यवहार न्यायालय अंबिकापुर और राजस्व मंडल बिलासपुर में लंबित है, इसके बावजूद जमीन पर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा।

पीड़ित परिवार ने लगाए राजनीतिक दबाव के आरोप

पीड़ित परिवार का आरोप है कि एक स्थानीय भाजपा नेता अपने रसूख के दम पर वसीयत के वैध दस्तावेजों को मानने से इंकार कर रहे हैं। परिवार का कहना है कि कानून का रास्ता अपनाने के बाद भी उन्हें न्याय नहीं मिल रहा और वे खुद को पूरी तरह असहाय महसूस कर रहे हैं।

“छोटे गृहमंत्री” के करीबी होने की चर्चा तेज

इलाके में यह चर्चा भी तेज है कि संबंधित नेता, सरगुजा के “छोटे गृहमंत्री” माने जाने वाले प्रभावशाली चेहरे के बेहद करीबी हैं, जिसके चलते प्रशासनिक कार्रवाई पर भी सवाल उठ रहे हैं।

कभी भी हो सकता है बड़ा टकराव

स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते निष्पक्ष हस्तक्षेप नहीं हुआ, तो डीसी रोड का यह विवाद कभी भी खूनी संघर्ष में बदल सकता है।

सबसे बड़ा सवाल

अब सबसे बड़ा सवाल यही है—सरगुजा में कानून का राज चलेगा या राजनीतिक दबाव का?

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