- भाजपा किसान मोर्चा के सदस्य निशांत सिंह उर्फ गोल्डी और दिशांत सिंह उर्फ सिल्की पर आरोप
- रोज़ाना कुत्तों को लाकर सार्वजनिक स्थलों पर शौच कराने से क्षेत्र में गंदगी
- मना करने पर स्थानीय लोगों को धमकाने की शिकायत
- पुलिस और नगर निगम में शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं
- भाजपा जिलाध्यक्ष एवं प्रभारी सदस्य से तत्काल संज्ञान लेने की मांग
- "क्या मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का सुशासन यही है?
- जहाँ भाजपा सदस्य होने के कारण पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है और उनकी कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।"
- "सुशासन तिहार घर पहुँच समस्याओं का समाधान सिर्फ ढोंग है या ढकोसला?"
अंबिकापुर, 4 मई – डीसी रोड, कलेक्टर बंगला रोड, सिविल लाइन क्षेत्र में भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश सदस्य निशांत सिंह उर्फ गोल्डी और दिशांत सिंह उर्फ सिल्की पर गुंडागर्दी के गंभीर आरोप लगे हैं।स्थानीय निवासियों का कहना है कि दोनों रोज़ाना सुबह, दोपहर और शाम कुत्तों को लाकर नवोदय छत्तीसगढ़ प्रेस और आसपास के घरों के पास शौच कराते हैं।
निवासियों की शिकायत
लोगों का आरोप है कि मना करने पर वे धमकाने लगते हैं और जानबूझकर जगह-जगह गंदगी फैलाते हैं।
इससे क्षेत्र में दुर्गंध फैल रही है और आसपास रहने वालों का स्वास्थ्य बिगड़ रहा है।
पुलिस और नगर निगम में शिकायत करने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि भाजपा कार्यकर्ता होने के कारण आरोपी पुलिसकर्मियों को भी धमकाते हैं।"भाजपा का सदस्य होने के कारण पुलिस कार्रवाई करने से बच रही है। क्या यही है सरगुजा कोतवाली थाना की पुलिस? पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं।"
निशांत सिंह उर्फ गोल्डी का राजनीतिक सफर विवादों से जुड़ा रहा है।
2004 से वे जोगी कांग्रेस के सक्रिय सदस्य रहे और रमन सिंह सरकार के विरोध में कई बार धरना-प्रदर्शन और पुतला दहन कार्यक्रमों में शामिल हुए।
बाद में पंचायत चुनाव के दौरान भाजपा के प्रमुख चेहरे को जमीन के बदले और आर्थिक सहयोग कराने के बाद वे भाजपा में शामिल हुए।अब उन्हीं की पुरानी गुंडागर्दी की आदतें राष्ट्रीय पार्टी की छवि को नुकसान पहुँचा रही हैं।
स्वच्छता अभियान पर असर
नगर निगम अंबिकापुर को 2016 से लगातार स्वच्छता पुरस्कार मिलते रहे हैं।
लेकिन इस तरह की घटनाएं न केवल शहर की छवि को धूमिल कर रही हैं बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा चलाए गए स्वच्छ भारत अभियान की भावना को भी ठेस पहुँचा रही हैं।
जहाँ एक ओर खुले में शौच करने वालों पर दंडात्मक कार्रवाई की जाती है, वहीं दूसरी ओर पार्टी से जुड़े कुछ असामाजिक तत्व खुलेआम नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं।
कलेक्टर बंगला रोड की यह घटना प्रशासन और राजनीतिक नेतृत्व दोनों के लिए चुनौती है। भाजपा जिलाध्यक्ष एवं प्रभारी सदस्य से अपेक्षा की जा रही है कि वे तुरंत संज्ञान लेकर पार्टी की छवि बचाने और क्षेत्रवासियों को राहत दिलाने के लिए ठोस कदम उठाएँ।