कलेक्टर ने उच्च स्तरीय जांच कमेटी गठित की, 7 दिन में रिपोर्ट का निर्देश- कमेटी में नगर निगम आयुक्त भी शामिल
- निगम ने सुरक्षा का हवाला देकर 24 घंटे में इमारत हटाने का आदेश जारी किया
- आदेश से जांच प्रभावित होने की संभावना, सबूत नष्ट होने का खतरा
- आरोप: धन्नासेठों को कानूनी दांवपेच से बचाने के लिए पीछे के दरवाजे से रास्ता बनाया जा रहा है

अग्निकांड मामले में निगम के इस आदेश से जांच हो सकती है प्रभावित,अवैध पटाखा भंडारण के कैसे मिलेंगे सबूत ,7 दिन निगम ने क्यों नही किया इंतज़ार?अंबिकापुर: सिस्टम पीछे के दरवाजे से धनकुबेरों के लिए कैसे काम करता है इसे समझिये,कलेक्टर ने अग्निकांड के लिए उच्च स्तरीय जांच कमेटी गठित किया है। इस कमेटी में नगर निगम आयुक्त भी शामिल है.. कमेटी को 7 दिन के अंदर रिपोर्ट प्रस्तुत करने निर्देशित किया गया है.सी बीच नगर निगम ने सुरक्षा का हवाला देते हुए एक आदेश जारी किया है। आदेश में जिक्र है बिल्डिंग कभी भी गिर सकती है और फिर से एक बड़ा हादसा हो सकता है..सुरक्षा कारणों को देखते हुए दुकान मालिक इमारत को 24 घंटे के भीतर पूरी तरह ध्वस्त कर हटा दे, अन्यथा नगर निगम खुद इस इमारत को हटा देगा..इधर उच्च स्तरीय जांच कमेटी की अभी जांच पूरी नही हुई है.. और नगर निगम अब घटनास्थल से ईमारत हटाने आदेश जारी कर दिया है.. यदि ऐसा हुआ तो जाहिर सी बात है जांच प्रभावित होगी और जांच कमेटी अपने रिपोर्ट में मौके से साक्ष्य सबूत सहित ईमारत तक हटाये जाने का हवाला देकर मामले को रफादफा कर देगी। सबसे बड़ा सवाल यदि आननफानन में ईमारत को हटा दिया गया तो कैसे पता चलेगा कि गोदाम में पटाखा का भंडारण किया गया था या नहीं..नगर निगम के इस आदेश को देखर कुछ यही संभावना बन रही है। निगम के वर्तमान आदेश को देख कर लगता है धन्नासेठ को भविष्य में कानूनी दांवपेच से बचाने के लिए पीछे के दरवाजे से रास्ता बनाया जा रहा है।
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