छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर शहर में गुरुवार को एक भीषण अग्निकांड ने पूरे इलाके को दहशत में डाल दिया। राम मंदिर के सामने स्थित एक संकरी गली में संचालित मुकेश प्लास्टिक और पटाखा दुकान में अचानक आग लग गई, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोपहर लगभग 12 बजे आग की शुरुआत हुई। दुकान में प्लास्टिक सामग्री और पटाखों की अधिक मात्रा होने के कारण आग तेजी से फैलती चली गई। घनी आबादी वाले क्षेत्र में आग लगने से आसपास के लोगों में अफरातफरी मच गई और लोग अपने घरों से बाहर निकल आए।
आग इतनी भयंकर थी कि इसे नियंत्रित करने के लिए दमकल विभाग को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। लगभग 13 घंटे बीत जाने के बाद भी आग पूरी तरह काबू में नहीं आ सकी। इस दौरान 50 से अधिक दमकल वाहन खाली हो चुके थे, फिर भी आग पर नियंत्रण पाना चुनौती बना रहा।
रात भर SDRF (राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल) और दमकल विभाग की टीमें लगातार रेस्क्यू और आग बुझाने के कार्य में जुटी रहीं। आग की लपटें इतनी ऊंची उठ रही थीं कि दूर-दूर तक धुआं दिखाई दे रहा था।
प्रशासन ने एहतियात के तौर पर आसपास के क्षेत्रों को खाली कराया और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। हालांकि, अभी तक किसी जनहानि की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन भारी आर्थिक नुकसान की आशंका जताई जा रही है।
प्राथमिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट या पटाखों में विस्फोट माना जा रहा है, हालांकि वास्तविक कारण की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
यह घटना शहर में सुरक्षा व्यवस्था और घनी आबादी वाले क्षेत्रों में ज्वलनशील पदार्थों के भंडारण पर गंभीर सवाल खड़े करती है। प्रशासन ने जांच के आदेश दे दिए हैं और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की बात कही है।