- "50 प्रतिशत डिस्काउंट में सरगुजा संभाग के लाखों लोगों को पटाखा बेचने वाले मुकेश अग्रवाल की दुकान को छोटी दुकान कहेंगे या बड़ा गोदाम?"
- कार्यवाही से क्यों बचा रहे हैं मंत्री जी?
- "अनुमानित लाखों का चढ़ावा शासन-प्रशासन एवं मीडिया को देने वाले मुकेश पटाखे क्या छोटी सी दुकान चला रहे हैं कि एक बहुत बड़ा गोदाम?"
- "क्या मुकेश पटाखा इतना रसूखदार है कि उसे मंत्री जी का संरक्षण प्राप्त है?"
- "क्या प्रशासन कठपुतली है?"
- "क्या यही है छत्तीसगढ़ का सुशासन?"
⚠️ घटना का विवरण
अंबिकापुर, 25 अप्रैल 2026 – शहर के मध्यस्थल में स्थित मुकेश प्लास्टिक एवं पटाखा दुकान में भीषण आगजनी की घटना ने पूरे नगर को हिला दिया।
संकरी गली में स्थित इस संस्थान में भारी मात्रा में पटाखों और प्लास्टिक का अवैध भंडारण किया गया था।
ज्वलनशील पदार्थों में लगी आग ने पूरे संस्थान को तबाह कर दिया और आसपास के कई आवासीय एवं व्यावसायिक भवनों को गंभीर क्षति पहुंचाई।
👥 जनता का आक्रोश
इस घटना को लेकर शहर भर में दहशत और आक्रोश का माहौल है।
स्थानीय नागरिकों ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
लोगों का कहना है कि ऐसे अवैध भंडारण केंद्र शहर के लिए खतरा हैं और इन्हें तुरंत बाहर स्थानांतरित किया जाना चाहिए।
🎙️ जनता की आवाज
स्थानीय लोगों ने तीखे शब्दों में कहा—
"यह पटाखा गोदाम नहीं था तो क्या यह छुटपुट पटाखा था जो परमाणु बम की तरह फूटा? बचाना बंद करिए। अंबिकापुर विधानसभा की हर एक जनता आपकी है, जिसने आपको वोट दिया है। सभी का साथ दीजिए, किसी एक पक्ष का नहीं।"लोगों ने आरोप लगाया कि कुछ नेता दोषियों को बचाने का प्रयास कर रहे हैं, जबकि जनता न्याय की मांग कर रही है।
📑 मांगें
- प्रभावित परिवारों को मुआवजा दिलाया जाए।
- दोषी संस्थान के विरुद्ध FIR दर्ज कर संचालकों की गिरफ्तारी की जाए।
- शहर में मौजूद अन्य पटाखा और प्लास्टिक गोदामों की पहचान कर उन्हें बाहर निकाला जाए।
- दमकल व्यवस्था को दुरुस्त कर संसाधन और उपकरण उपलब्ध कराए जाएं।
📍 अंबिकापुर की इस आगजनी ने प्रशासन और व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जनता का कहना है कि जब तक दोषियों पर कार्रवाई और प्रभावित परिवारों को न्याय नहीं मिलेगा, विरोध जारी रहेगा।