सरगुजा। बारिश का मौसम शुरू होते ही सरगुजा जिले में राष्ट्रीय राजमार्गों और प्रमुख सड़कों पर आवारा मवेशियों की मौजूदगी एक बार फिर चिंता का विषय बन गई है। सड़कों पर बैठे मवेशियों के कारण दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ने लगा है। स्थिति को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने राष्ट्रीय राजमार्ग से लगी ग्राम पंचायतों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
जिला प्रशासन के अनुसार बरसात के दौरान मवेशी अक्सर सड़क और राष्ट्रीय राजमार्गों पर बैठ जाते हैं। इससे दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों को अचानक दुर्घटनाओं का सामना करना पड़ता है। विशेषकर रात के समय सड़क पर बैठे मवेशी दिखाई नहीं देने के कारण हादसों की आशंका कई गुना बढ़ जाती है।
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विनय अग्रवाल ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग से लगी ग्राम पंचायतों को सड़क सुरक्षा के मद्देनजर विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके तहत अंबिकापुर, बतौली, लुंड्रा, सीतापुर और लखनपुर विकासखंड की पंचायतों को ग्रामीणों को जागरूक करने तथा सड़कों पर घूम रहे मवेशियों को सुरक्षित रूप से गोठानों तक पहुंचाने के लिए कहा गया है।
उन्होंने बताया कि यह कार्रवाई उच्चतम न्यायालय और राज्य शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप की जा रही है। इसका उद्देश्य बरसात के मौसम में राष्ट्रीय राजमार्गों पर आवारा मवेशियों की संख्या कम करना और सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है।
प्रशासन का मानना है कि यदि पंचायत स्तर पर जागरूकता अभियान और मवेशियों के सुरक्षित प्रबंधन की व्यवस्था प्रभावी ढंग से लागू होती है, तो राष्ट्रीय राजमार्गों पर होने वाले हादसों में कमी लाई जा सकती है। अब यह देखना होगा कि पंचायतों द्वारा शुरू की जाने वाली यह पहल जमीनी स्तर पर कितनी सफल होती है और सड़क सुरक्षा को लेकर कितने सकारात्मक परिणाम सामने आते हैं।