अम्बिकापुर, जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. दिनेश झा की अध्यक्षता में सोमवार को पीजी कॉलेज ऑडिटोरियम में शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के सभी बीईओ, एबीईओ, बीआरसी और संकुल प्राचार्यों को नए शिक्षा सत्र के सुचारू संचालन के लिए कड़े दिशा-निर्देश दिए गए।
छात्रों के दस्तावेज और सुविधाओं पर जोर
बैठक की शुरुआत में सहायक संचालक रवि शंकर तिवारी ने APAAR आईडी, जन्म प्रमाण पत्र और आधार कार्ड अपडेट की प्रगति की समीक्षा की। निर्देश दिए गए कि सभी छात्रों के आवश्यक दस्तावेज समय-सीमा में पूर्ण किए जाएं।
साथ ही, नया सत्र शुरू होने से पहले गणवेश, पाठ्य पुस्तकें और साइकिल वितरण की तैयारियां शत-प्रतिशत पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।
अनुशासनहीनता पर सख्त रुख
डॉ. झा ने स्पष्ट किया कि लंबे समय से अनुपस्थित शिक्षकों के खिलाफ विभागीय जांच जल्द पूरी कर प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जाए, ताकि आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
इसके अलावा स्कूलों में आधार आधारित उपस्थिति प्रणाली और iGOT Karmayogi पोर्टल पर अनिवार्य प्रशिक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
निजी स्कूलों के लिए सख्त गाइडलाइन
निजी विद्यालयों को निर्देशित किया गया कि वे अभिभावकों को किसी विशेष दुकान से किताबें या यूनिफॉर्म खरीदने के लिए बाध्य नहीं करेंगे।
सीबीएसई स्कूलों में NCERT की पुस्तकों से ही पढ़ाई सुनिश्चित की जाएगी।
इसके साथ ही, स्कूल संचालन और शुल्क निर्धारण शासन की गाइडलाइन के अनुसार ही होगा तथा पीटीएम में विभागीय नोडल प्राचार्य की उपस्थिति अनिवार्य रहेगी।
वंचित वर्गों के लिए विशेष पहल
विशेष पिछड़ी जनजातियों जैसे पहाड़ी कोरवा और पंडो समुदाय के बच्चों के लिए विशेष सर्वे के निर्देश दिए गए हैं। ‘आउट ऑफ स्कूल’ बच्चों को चिन्हित कर तत्काल विद्यालय में प्रवेश दिलाने और उनकी सतत निगरानी सुनिश्चित करने को कहा गया है।
ड्रॉपआउट बच्चों की स्थिति मिलने पर संबंधित संकुल समन्वयक के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए।
अधोसंरचना और वित्तीय सुधार पर फोकस
बैठक में स्कूलों के विकास के लिए अगले 5 वर्षों की कार्ययोजना तैयार करने, प्रार्थना शेड और बालिका शौचालय के प्रस्ताव जल्द भेजने को कहा गया।
साथ ही शिक्षकों के सर्विस बुक अपडेट और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के भुगतान समय पर करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में ई-प्रबंधक वैभव सिंह ने तकनीकी समस्याओं का समाधान प्रस्तुत किया और विभागीय अधिकारियों की उपस्थिति में विस्तृत समीक्षा की गई।