सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो और नायब तहसीलदार विवाद ने लिया बड़ा राजनीतिक मोड़, गिरफ्तारी पर हाई-वोल्टेज ड्रामा

सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो और नायब तहसीलदार विवाद ने लिया बड़ा राजनीतिक मोड़, गिरफ्तारी पर हाई-वोल्टेज ड्रामा

  • विधायक रामकुमार टोप्पो और नायब तहसीलदार तुषार मानिकपुरी के बीच विवाद ने प्रशासनिक संकट खड़ा किया
  • विधायक पर मारपीट और दुर्व्यवहार का मामला दर्ज, गिरफ्तारी देने निकले तो समर्थकों ने रास्ता रोक दिया
  • समर्थकों ने सड़क पर लेटकर काफिला रोका, नारेबाजी और भावुक प्रदर्शन
  • प्रशासनिक अधिकारियों ने गिरफ्तारी की मांग को लेकर कलमबंद हड़ताल की
  • मामला प्रदेशभर में चर्चा का विषय बना

📰 विस्तृत समाचार

अंबिकापुर/सीतापुर, – सरगुजा संभाग में सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो और नायब तहसीलदार तुषार मानिकपुरी के बीच उपजा विवाद अब बड़े राजनीतिक और प्रशासनिक संकट का रूप ले चुका है।
विधायक और उनके समर्थकों पर नायब तहसीलदार से कथित मारपीट और दुर्व्यवहार का मामला दर्ज होने के बाद शुक्रवार को घटनाक्रम हाई-वोल्टेज ड्रामे में बदल गया।



🚨 गिरफ्तारी पर समर्थकों का विरोध

विधायक टोप्पो ने स्वयं गिरफ्तारी देने की घोषणा की थी और अंबिकापुर आईजी कार्यालय के लिए रवाना हुए।
लेकिन मंगारी के पास बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने उनका काफिला रोक दिया।
समर्थक सड़क पर लेट गए, गाड़ियों के सामने धरना दिया और नारेबाजी करते रहे।
भावुक समर्थकों ने कहा कि वे अपने नेता को जेल नहीं जाने देंगे।
आखिरकार भारी दबाव के आगे विधायक को अंबिकापुर दौरा स्थगित कर वापस सीतापुर लौटना पड़ा।


🗣️ विधायक का बयान

विधायक रामकुमार टोप्पो ने कहा –
“मैं पूरी तरह न्यायपालिका और शासन के साथ हूं तथा जांच में पूरा सहयोग करूंगा। जहां उचित होगा, वहां गिरफ्तारी दूंगा।”
उन्होंने जनता और समर्थकों से शांति बनाए रखने की अपील की।


✍️ प्रशासनिक हड़ताल

विधायक और समर्थकों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी सेवा संघ से जुड़े अधिकारी-कर्मचारी कलमबंद हड़ताल पर रहे।
सरगुजा संभाग में राजस्व और प्रशासनिक कामकाज ठप्प हो गया।
कलेक्ट्रेट में रैली निकालकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया।
संघ ने चेतावनी दी है कि यदि गिरफ्तारी नहीं होती तो अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी।


📖 विवाद की जड़

27 मई को राजापुर उप तहसील कार्यालय में विधायक की बहन सीमा धनकी पैरोल दस्तावेज पर हस्ताक्षर कराने पहुंची थीं।
आरोप है कि नायब तहसीलदार ने उनकी फाइल फेंक दी और बदसलूकी की।
इसके बाद विवाद बढ़ा और नायब तहसीलदार ने आरोप लगाया कि विधायक और समर्थकों ने उनसे मारपीट की।
इस मामले में विधायक और 10 समर्थकों पर एफआईआर दर्ज हुई, वहीं विधायक की बहन की शिकायत पर नायब तहसीलदार के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया।


🔴 राजनीतिक प्रतिक्रिया

छत्तीसगढ़ युवा आयोग अध्यक्ष विश्वविजय सिंह तोमर ने कहा कि विधायक के खिलाफ तुरंत एफआईआर दर्ज होना सरकार की पारदर्शिता दर्शाता है।
उन्होंने मांग की कि प्रशासनिक अधिकारियों के व्यवहार की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
तोमर ने कांग्रेस नेताओं पर पलटवार करते हुए कहा कि पूर्व में कई घटनाओं में कार्रवाई नहीं हुई थी।


🌟 प्रदेशभर में चर्चा

राजस्व अधिकारियों की हड़ताल, विधायक पर एफआईआर, गिरफ्तारी की तैयारी और समर्थकों द्वारा रास्ता रोककर उन्हें वापस लौटाने की घटना अब प्रदेशभर में चर्चा का विषय बन गई है।
प्रशासनिक अमला सख्त कार्रवाई की मांग कर रहा है, जबकि भाजपा कार्यकर्ता इसे राजनीतिक प्रतिशोध और जनप्रतिनिधि का अपमान बता रहे हैं।


📍 यह विवाद सरगुजा संभाग की राजनीति और प्रशासनिक माहौल को गरमा चुका है और आने वाले दिनों में प्रदेश की राजनीति पर गहरा असर डाल सकता है।

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