अम्बिकापुर, National Legal Services Authority नई दिल्ली तथा Chhattisgarh State Legal Services Authority बिलासपुर के निर्देशानुसार प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के मार्गदर्शन में शनिवार को अम्बिकापुर स्थित जिला न्यायालय सहित सभी न्यायालयों में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया।
लोक अदालत के दौरान प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय अम्बिकापुर तथा सीतापुर न्यायालय में करीब 3,700 से अधिक लंबित प्रकरणों का निराकरण किया गया। वहीं राजस्व न्यायालयों में 4,200 से अधिक प्रकरणों का निराकरण किया गया। इसके अलावा किशोर न्याय बोर्ड के 39 तथा परिवार न्यायालय के 12 प्रकरणों का आपसी राजीनामा के आधार पर निपटारा किया गया। साथ ही बड़ी संख्या में प्री-लिटिगेशन मामलों का भी निराकरण किया गया।
लोक अदालत में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सरगुजा K. L. Charyani के खंडपीठ क्रमांक-1 के समक्ष एक महत्वपूर्ण मोटर दुर्घटना प्रकरण का भी निराकरण किया गया। इस मामले में दुर्घटना में आवेदकों के पति, पिता और पुत्र की मृत्यु होने पर आवेदकों ने Motor Vehicles Act 1988 की धारा 166 के तहत 74,10,000 रुपये क्षतिपूर्ति का दावा किया था।
लोक अदालत के दौरान आवेदकों और बीमा कंपनी के बीच आपसी सहमति से 23,00,000 रुपये में समझौता हुआ। खंडपीठ के पीठासीन अधिकारी के.एल. चरयाणी, सदस्य विनोद शर्मा एवं बलराम सोनी की उपस्थिति में यह राजीनामा संपन्न हुआ। प्रकरण का निराकरण मात्र 4 माह 11 दिन के भीतर संभव हो सका। बीमा कंपनी को आदेश दिया गया है कि वह 23 लाख रुपये की राशि 45 दिनों के भीतर जमा करे।
इसी प्रकार द्वितीय जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश Mukesh Tiwari के खंडपीठ क्रमांक-4 में लगभग पांच वर्ष से लंबित मोटर दुर्घटना प्रकरण का भी आपसी सहमति से निराकरण किया गया।
वहीं मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी Pallav Raghuvanshi के खंडपीठ क्रमांक-6 द्वारा पांच वर्ष से अधिक पुराने मामलों तथा न्यायिक दण्डाधिकारी Kalpana Bhagat के खंडपीठ क्रमांक-9 द्वारा आठ वर्ष से अधिक समय से लंबित चेक अनादरण प्रकरणों का सफलतापूर्वक निराकरण किया गया।
नेशनल लोक अदालत के माध्यम से बड़ी संख्या में मामलों का आपसी समझौते से निपटारा होने से पक्षकारों को शीघ्र न्याय मिलने के साथ ही न्यायालयों के लंबित मामलों में भी कमी आई है।