सूरजपुर, छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में वर्ष 2024 में हुए बहुचर्चित दोहरे हत्याकांड के मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने बुधवार को बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने मामले में दोषी पाए गए चार आरोपियों में से तीन को फांसी की सजा तथा एक आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
प्रकरण के अनुसार, 13 अक्टूबर 2024 की रात सूरजपुर कोतवाली में पदस्थ तत्कालीन प्रधान आरक्षक की पत्नी और बेटी की हत्या कर दी गई थी। हत्या के बाद दोनों शवों को निर्वस्त्र अवस्था में खेत में फेंक दिया गया था। घटना सामने आने के बाद पूरे जिले में सनसनी फैल गई थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच शुरू की और जांच के बाद कुल छह आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में अभियोजन चलाया गया। इनमें आदतन बदमाश कुलदीप साहू तथा तत्कालीन पूर्व एनएसयूआई जिलाध्यक्ष चंद्रकांत चौधरी (सीके चौधरी) समेत अन्य आरोपी शामिल थे।
मामले की सुनवाई के दौरान न्यायालय ने दो आरोपियों को पूर्व में साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया था। वहीं शेष चार आरोपियों के विरुद्ध अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर न्यायालय ने उन्हें दोषी माना।
तीन आरोपियों को फांसी, एक को आजीवन कारावास
फास्ट ट्रैक कोर्ट के फैसले के अनुसार कुलदीप साहू, रिंकू उर्फ फूल सिंह और चंद्रकांत चौधरी को मृत्युदंड (फांसी) की सजा सुनाई गई है। वहीं चौथे दोषी आर्यन उर्फ गोल्डी को आजीवन कारावास की सजा दी गई है।
अदालत के इस फैसले को वर्ष 2024 के चर्चित दोहरे हत्याकांड में महत्वपूर्ण न्यायिक निर्णय के रूप में देखा जा रहा है।

