छात्रवृत्ति से कृष्णा यादव की उच्च शिक्षा को सहारा

छात्रवृत्ति से कृष्णा यादव की उच्च शिक्षा को सहारा

अंबिकापुर। सेवा संकल्प अभियान-2026 के तहत छात्रवृत्ति योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के विद्यार्थियों की पढ़ाई में मददगार साबित हो रही है। राजीव गांधी पीजी कॉलेज में बीएससी प्रथम सेमेस्टर के छात्र कृष्णा यादव को छात्रवृत्ति से किताबें, कॉपी खरीदने और कॉलेज आने-जाने के खर्च में सहायता मिल रही है।

कृष्णा यादव ने बताया कि उनके पिता कृषि कार्य कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। परिवार में एक भाई और एक बहन भी हैं। किसान परिवार होने के कारण उच्च शिक्षा से जुड़े खर्चों को पूरा करना चुनौतीपूर्ण था। छात्रवृत्ति मिलने से पढ़ाई की आवश्यक सामग्री खरीदने और आवागमन के खर्च में राहत मिली है।

उन्होंने बताया कि यह सहायता केवल आर्थिक सहयोग नहीं, बल्कि पढ़ाई जारी रखने का प्रोत्साहन भी है। कृष्णा ने छात्रवृत्ति योजना के लिए केंद्र और राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ऐसी योजनाएं किसान एवं कमजोर आर्थिक पृष्ठभूमि वाले परिवारों के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।


पीएमईजीपी ऋण से हर्षिता खत्री ने शुरू किया फर्नीचर उद्योग, 12 लोगों को रोजगार

अंबिकापुर। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) के तहत 25 लाख रुपये का ऋण प्राप्त कर हर्षिता खत्री ने फर्नीचर निर्माण इकाई स्थापित की है। श्री साईं इंडस्ट्रीज एंड प्रोडक्ट नाम से संचालित इस इकाई में वर्तमान में 10 से 12 लोगों को रोजगार मिल रहा है।

उद्योग की प्रोपराइटर हर्षिता खत्री हैं, जबकि उनके पति दिलीप खत्री संचालन और प्रबंधन का कार्य संभालते हैं। दिलीप खत्री ने बताया कि वे लंबे समय से अपना व्यवसाय शुरू करना चाहते थे, लेकिन आर्थिक संसाधनों की कमी के कारण उद्योग स्थापित नहीं कर पा रहे थे। जिला व्यापार एवं उद्योग कार्यालय से पीएमईजीपी योजना की जानकारी मिलने के बाद हर्षिता खत्री के नाम से ऋण के लिए आवेदन किया गया।

योजना के माध्यम से 25 लाख रुपये का ऋण मिलने पर फर्नीचर निर्माण इकाई शुरू की गई। इकाई में पार्टिकल बोर्ड से टेबल, ऑफिस टेबल, ड्रेसिंग टेबल, सोफा, पलंग, अलमारी और अन्य फर्नीचर उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं।

दिलीप खत्री के अनुसार, उद्योग शुरू होने से परिवार को स्वरोजगार का साधन मिला है और स्थानीय स्तर पर 10 से 12 लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी बने हैं। फर्नीचर निर्माण से जुड़े अलग-अलग कार्यों में कर्मचारी नियमित रूप से कार्य कर रहे हैं।

खत्री परिवार ने कहा कि पीएमईजीपी योजना से मिली वित्तीय सहायता ने उद्योग शुरू करने की राह आसान बनाई। योजना के माध्यम से वे न केवल अपना व्यवसाय संचालित कर रहे हैं, बल्कि अन्य परिवारों की आजीविका को भी सहारा दे रहे हैं।


एक टिप्पणी भेजें

और नया पुराने