बतौली में स्वयं सहायता समूहों के नाम पर कथित लोन घोटाला, करीब 40 समूहों की महिलाएं पहुंचीं कलेक्ट्रेट

बतौली में स्वयं सहायता समूहों के नाम पर कथित लोन घोटाला, करीब 40 समूहों की महिलाएं पहुंचीं कलेक्ट्रेट

अंबिकापुर। सरगुजा जिले के बतौली विकासखंड अंतर्गत पोक्सरी की करीब 40 स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं ने ऋण के नाम पर कथित अनियमितता का आरोप लगाते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। महिलाओं ने जनदर्शन में कलेक्टर अजीत वसंत को आवेदन सौंपकर मामले की जांच और राशि वापस दिलाने की मांग की। महिलाओं का आरोप है कि उनकी जानकारी के बिना और फर्जी हस्ताक्षर के माध्यम से ऋण निकाला गया। साथ ही महतारी वंदन योजना की राशि सहित अन्य रकम उनके बैंक खातों से काटे जाने की बात भी सामने आई है।



बिना जानकारी ऋण निकालने का आरोप

शिकायतकर्ता महिलाओं ने ग्रामीण बैंक के तत्कालीन प्रबंधक और भुवनेश्वरी सिदार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। महिलाओं का कहना है कि उन्हें ऋण की पूरी जानकारी नहीं दी गई, इसके बावजूद उनके नाम पर ऋण निकाला गया। उन्होंने बैंक खातों से राशि काटे जाने पर भी आपत्ति जताई है। मामले में महिलाओं ने निष्पक्ष जांच कर कथित फर्जीवाड़े में शामिल लोगों की भूमिका सामने लाने और उन्हें आर्थिक राहत दिलाने की मांग की है।

डीपीएम बोले—पहले भी हुई थी शिकायत, जांच के बाद महिला निलंबित

मामले में डीपीएम सुभाष मिश्रा ने बताया कि इस संबंध में पहले भी शिकायत प्राप्त हुई थी। उनके अनुसार, जांच के बाद संबंधित महिला को निलंबित किया गया था। उन्होंने करीब 20 लाख रुपये की रिकवरी राशि सामने आने की जानकारी देते हुए बताया कि लगभग 10 लाख रुपये की वसूली की कार्रवाई जारी है। शेष राशि की वसूली भी जल्द किए जाने की बात कही गई है।

राजनीतिक और प्रभावशाली लोगों की संभावित संलिप्तता से जुड़े सवाल पर डीपीएम ने कहा कि इस संबंध में कोई स्पष्ट शिकायत या ठोस साक्ष्य सामने नहीं आया है। हालांकि, शिकायतकर्ता महिलाओं की ओर से लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और मामले की विस्तृत जांच के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

कलेक्टर ने दिया कार्रवाई का आश्वासन

महिलाओं ने जनदर्शन में कलेक्टर अजीत वसंत को अपनी समस्याओं से अवगत कराया। कलेक्टर ने उन्हें नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया। अब शिकायत के आधार पर आगे की जांच और प्रशासनिक कार्रवाई पर महिलाओं की निगाहें टिकी हुई हैं।

पीड़ित महिलाओं को कब मिलेगी राहत?

इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिन महिलाओं के नाम पर कथित तौर पर उनकी जानकारी के बिना ऋण निकाला गया, उन्हें उनकी राशि वापस कब मिलेगी? साथ ही, क्या जांच में बैंकिंग प्रक्रिया से जुड़े अन्य लोगों या किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है? फिलहाल महिलाओं की शिकायत, कथित ऋण अनियमितताओं और जारी वसूली कार्रवाई को लेकर मामले में आगे की जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

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