टीईटी की अनिवार्यता खत्म करने की मांग को लेकर शिक्षकों का आंदोलन जारी

टीईटी की अनिवार्यता खत्म करने की मांग को लेकर शिक्षकों का आंदोलन जारी

 शिक्षक संघर्ष मोर्चा ने पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल से की मुलाकात, मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

अंबिकापुर। टीईटी की अनिवार्यता खत्म करने की मांग को लेकर सरगुजा में शिक्षकों का आंदोलन लगातार जारी है। इसी क्रम में शिक्षक संघर्ष मोर्चा के प्रतिनिधिमंडल ने पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल से मुलाकात कर अपनी मांगों को लेकर चर्चा की और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।

शिक्षकों ने मांग की है कि लंबे समय से शिक्षण कार्य कर रहे शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से राहत दी जाए। साथ ही ब्रिज कोर्स के माध्यम से टीईटी की प्रक्रिया पूरी कराने का विकल्प उपलब्ध कराया जाए।

शिक्षकों का कहना है कि बड़ी संख्या में शिक्षक वर्ष 1998-99 से लगातार शिक्षण कार्य कर रहे हैं। लंबे समय तक सेवा देने के बाद अब उनके लिए टीईटी की अनिवार्यता लागू किया जाना उचित नहीं है। शिक्षकों ने सरकार से वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों के अनुभव और सेवा अवधि को ध्यान में रखते हुए राहत देने की मांग की है।

सेवानिवृत्ति के करीब शिक्षकों को लेकर उठाया मुद्दा

शिक्षकों की मांग पर पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने भी सकारात्मक रुख दिखाया। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में ऐसे शिक्षक हैं, जो आने वाले कुछ वर्षों में सेवानिवृत्त होने वाले हैं। ऐसे शिक्षकों के लिए अब टीईटी की अनिवार्यता लागू करना उचित नहीं माना जा सकता।

मंत्री ने कहा कि शिक्षकों की समस्या को लेकर मुख्यमंत्री भी संवेदनशील हैं और इस पूरे मामले के निराकरण के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने शिक्षकों की मांगों को मुख्यमंत्री तक पहुंचाने और मामले में उचित पहल की बात कही।

टीईटी की अनिवार्यता को लेकर शिक्षकों का आंदोलन आगे भी जारी रहने की बात कही जा रही है। अब शिक्षकों की नजर सरकार की ओर से इस मामले में लिए जाने वाले निर्णय पर है।

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