- अंबिकापुर में स्वामी आत्मानंद शासकीय अंग्रेजी माध्यम आदर्श महाविद्यालय और मुहिम फाउंडेशन के बीच गैर-आर्थिक एमओयू पर हस्ताक्षर
- छात्रों को नेतृत्व, नवाचार, संवाद, समस्या समाधान और सामाजिक उद्यमशीलता में प्रशिक्षण
- सामुदायिक सहभागिता और छात्र नेतृत्व को संस्थागत रूप देने की पहल
- लीडरशिप वर्कशॉप्स, स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम्स और नीति संवाद का आयोजन
- स्थानीय समुदाय की समस्याओं पर एक्शन रिसर्च प्रोजेक्ट्स को बढ़ावा
अंबिकापुर, – स्वामी आत्मानंद शासकीय अंग्रेजी माध्यम आदर्श महाविद्यालय, अंबिकापुर और मुहिम फाउंडेशन फॉर पार्टिसिपेटरी एक्शन एंड ट्रांसफॉर्मेशन ने आज एक महत्वपूर्ण गैर-आर्थिक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए।
इस साझेदारी का उद्देश्य युवाओं को 21वीं सदी की आवश्यक स्किल्स से लैस करना, सामुदायिक सहभागिता को प्रोत्साहित करना और छात्र नेतृत्व को संस्थागत रूप देना है।
एमओयू के तहत पहल
- छात्रों को लीडरशिप, नवाचार, संवाद, समस्या समाधान और सामाजिक उद्यमशीलता में प्रशिक्षित किया जाएगा।
- अकादमिक जीवन को समाज से जोड़ने का अवसर मिलेगा।
- विद्यार्थियों के शैक्षणिक और व्यावसायिक कौशल को बढ़ावा दिया जाएगा।
- एक्शन रिसर्च प्रोजेक्ट्स के माध्यम से स्थानीय समुदाय की समस्याओं को समझकर समाधान प्रस्तुत किया जाएगा।
- लीडरशिप वर्कशॉप्स, स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम्स और नीति संवाद से युवाओं में सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित होगी।
- सामुदायिक आउटरीच कार्यक्रमों और संगोष्ठियों से नागरिक चेतना और भागीदारी को सशक्त किया जाएगा।
प्रतिनिधियों का वक्तव्य
दोनों संस्थानों के प्रतिनिधियों ने कहा कि शिक्षा को समाज की वास्तविक आवश्यकताओं से जोड़ना आज के समय की मांग है। यह साझेदारी छात्रों को केवल नौकरी के लिए नहीं, बल्कि समाज में नेतृत्व के लिए तैयार करेगी।
कार्यक्रम में उपस्थिति
कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्रिंसिपल डॉ. रिज़वान उल्लाह, प्रोफेसर डॉ. एन मैरी खालको, डॉ. निलाभ कुमार, डॉ. सुशिल कुमार, तथा मुहिम फाउंडेशन से ऋषिकेश, आकृति और रोज़ उपस्थित रहे।
यह एमओयू दर्शाता है कि स्वामी आत्मानंद महाविद्यालय केवल अकादमिक उत्कृष्टता तक सीमित नहीं है, बल्कि क्षेत्रीय विकास और राष्ट्रीय प्रगति में भी अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित कर रहा है।