‘मोर गांव, मोर पानी’ महाअभियान से बदलेगी सरगुजा की तस्वीर

‘मोर गांव, मोर पानी’ महाअभियान से बदलेगी सरगुजा की तस्वीर

  • ग्राम पंचायत कांतिप्रकाशपुर की पहाड़ी पर बने 600 स्टैगर्ड कंटूर ट्रेंच (SCT)
  • वर्षा जल संरक्षण से बढ़ेगा भू-जल स्तर
  • मिट्टी का कटाव रुकेगा, हरियाली और कृषि को मिलेगा बढ़ावा
  • विकसित भारत जी राम जी योजना के तहत प्रभावी पहल

अंबिकापुर,  सरगुजा जिले में जल संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के संवर्धन के उद्देश्य से संचालित ‘मोर गांव, मोर पानी महाअभियान’ अब प्रभावी परिणाम देने लगा है। जनपद पंचायत अंबिकापुर की ग्राम पंचायत कांतिप्रकाशपुर के पहाड़ी क्षेत्र में 600 स्टैगर्ड कंटूर ट्रेंच का निर्माण किया गया है। यह संरचनाएं वर्षा जल को रोककर धीरे-धीरे भूमि के भीतर समाहित करेंगी, जिससे भू-जल स्तर में वृद्धि होगी और कृषि को दीर्घकालिक लाभ मिलेगा।

 वैज्ञानिक तकनीक का उपयोग

  • पहाड़ी ढलानों पर रिज टू वैली अवधारणा के तहत कंटूर लाइन के अनुरूप जिग-जैग स्वरूप में ट्रेंच बनाए गए।
  • पहले वर्षा का पानी तेज बहाव के साथ नीचे चला जाता था, जिससे मिट्टी का कटाव होता था।
  • अब इन ट्रेंचों से पानी नियंत्रित होकर जमीन में रिसेगा और प्राकृतिक जल स्रोतों का पुनर्भरण होगा।

 बदलती तस्वीर

पहाड़ी क्षेत्र जो पहले बंजर और सूखा दिखाई देता था, अब हरियाली से भरने लगा है। निर्माण से पहले और बाद की तस्वीरों में इस परिवर्तन को स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है।

 लाभ

  • भू-जल स्तर में वृद्धि
  • मिट्टी का कटाव कम
  • भूमि की उर्वरता बनी रहेगी
  • वनस्पति और हरियाली को बढ़ावा
  • कृषि कार्यों को दीर्घकालिक लाभ

प्रशासन की पहल

कलेक्टर अजीत वसंत और जिला पंचायत सीईओ विनय कुमार अग्रवाल के मार्गदर्शन में यह कार्य तेजी से पूरा किया गया। जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाते हुए प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें।

 ‘मोर गांव, मोर पानी’ महाअभियान सरगुजा को जल समृद्ध और हरित जिला बनाने की दिशा में एक ठोस कदम है। आने वाले वर्षों में इससे पेयजल उपलब्धता, कृषि उत्पादन और पर्यावरण संरक्षण को मजबूती मिलेगी।

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