अंबिकापुर में आयुष्मान भारत योजना में अनियमितताओं का मामला, जांच में पांच निजी अस्पतालों में गड़बड़ियां मिलने का दावा

अंबिकापुर में आयुष्मान भारत योजना में अनियमितताओं का मामला, जांच में पांच निजी अस्पतालों में गड़बड़ियां मिलने का दावा


अंबिकापुर। अंबिकापुर में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के संचालन को लेकर जांच के दौरान कई निजी अस्पतालों में अनियमितताएं सामने आने का दावा किया गया है। प्रारंभिक जांच में पांच निजी अस्पतालों में रिकॉर्ड और वास्तविक स्थिति के बीच अंतर पाए जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने मामले को गंभीरता से लिया है।

जांच के दौरान केडी अस्पताल में निरीक्षण के समय वास्तविक रूप से भर्ती मरीजों की संख्या और अस्पताल के रिकॉर्ड में दर्ज मरीजों की संख्या में अंतर पाया गया। अधिकारियों के अनुसार निरीक्षण के समय अस्पताल में 20 मरीज भर्ती मिले, जबकि दस्तावेजों में 29 मरीज दर्ज थे। इस आधार पर आयुष्मान भारत योजना के तहत किए गए दावों (क्लेम) की भी जांच की जा रही है।

इसी प्रकार महामाया अस्पताल सहित अन्य निजी अस्पतालों में भी आयुष्मान कार्ड के उपयोग और उपचार संबंधी अभिलेखों की जांच के दौरान कुछ अनियमितताओं की शिकायतें सामने आई हैं। स्वास्थ्य विभाग संबंधित दस्तावेजों, मरीजों के उपचार रिकॉर्ड तथा क्लेम प्रक्रिया का सत्यापन कर रहा है।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी जारी है। यदि किसी अस्पताल द्वारा फर्जी भर्ती, गलत दस्तावेज प्रस्तुत करने अथवा आयुष्मान भारत योजना के नियमों का उल्लंघन कर अनुचित तरीके से सरकारी राशि का क्लेम किए जाने की पुष्टि होती है, तो संबंधित अस्पतालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

आयुष्मान भारत योजना का उद्देश्य पात्र हितग्राहियों को निशुल्क एवं गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराना है। ऐसे में योजना के संचालन में पारदर्शिता बनाए रखना और किसी भी प्रकार की अनियमितता पर समयबद्ध कार्रवाई करना आवश्यक माना जा रहा है।

डॉ. राजेश भजगावली, नोडल अधिकारी, आयुष्मान भारत ने बताया कि जांच के दौरान कुछ अस्पतालों में रिकॉर्ड संबंधी विसंगतियां सामने आई हैं। सभी मामलों का विस्तृत परीक्षण किया जा रहा है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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