“सास को 9 किमी पीठ पर लादकर पेंशन दिलाने” खबर भ्रामक, जांच में तथ्य गलत पाए गए

“सास को 9 किमी पीठ पर लादकर पेंशन दिलाने” खबर भ्रामक, जांच में तथ्य गलत पाए गए

  • जिला प्रशासन की जांच में समाचार पत्र में प्रकाशित तथ्य गलत पाए गए
  • वास्तविक दूरी मात्र 3 किलोमीटर, जबकि खबर में 9 किलोमीटर बताया गया था
  • बैंक मित्र गांव-गांव जाकर पेंशन भुगतान कर रहे हैं
  • हितग्राही सोमारी का ई-केवाईसी और मोबाइल नंबर लिंक कर दिया गया, अब गांव में ही पेंशन सुविधा उपलब्ध होगी

📰 विस्तृत समाचार

अंबिकापुर,  – स्थानीय समाचार पत्र में प्रकाशित खबर “पेंशन के लिए सास को 9 किमी पीठ पर लादकर ले गई बहू” के संबंध में जिला प्रशासन द्वारा जांच कराई गई।
जांच में पाया गया कि समाचार में प्रकाशित तथ्य भ्रामक और गलत हैं।

जांच प्रतिवेदन के अनुसार हितग्राही सोमारी, ग्राम जंगलपारा (कुनिया), जनपद पंचायत मैनपाट की निवासी हैं। उनके घर से संबंधित बैंक की दूरी लगभग 3 किलोमीटर है, जबकि समाचार में 9 किलोमीटर बताया गया था।
उनकी बहू सुखमनिया द्वारा पहली बार अपनी सास को पीठ पर लादकर बैंक ले जाया गया था।


🏦 बैंकिंग व्यवस्था

सोमारी का खाता सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, नर्मदापुर शाखा मैनपाट में संचालित है।
उन्हें विगत 6 वर्षों से सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना अंतर्गत ₹500 प्रतिमाह वृद्धा पेंशन मिल रही है।
बैंक मित्र प्रत्येक माह गांव में जाकर 40–50 हितग्राहियों को भुगतान करते हैं।

जनवरी 2026 तक सोमारी को गांव में ही पेंशन का भुगतान किया गया था।
इसके बाद 5 वर्ष पूर्ण होने पर बैंक नियमों के अनुसार ई-केवाईसी अनिवार्य हो गया।
ई-केवाईसी न होने से उनका खाता डेबिट फ्रीज हो गया और बैंक मित्र भुगतान नहीं कर पाए।


✅ समाधान

जांच में स्पष्ट हुआ कि यदि परिवार द्वारा पहले ही ग्राम पंचायत सचिव, बैंक मित्र या बैंक कर्मचारियों को जानकारी दी जाती तो वृद्ध महिला को बैंक आने की आवश्यकता नहीं पड़ती।
बैंक कर्मी गांव में ही ई-केवाईसी कर देते।

अब सोमारी का ई-केवाईसी और मोबाइल नंबर खाते से लिंक कर दिया गया है।
फिंगरप्रिंट सत्यापन भी पूरा हो चुका है।
ई-केवाईसी के बाद उन्हें पेंशन की राशि प्राप्त हो गई है और अब पहले की तरह गांव में ही भुगतान की सुविधा मिलेगी।


📋 प्रशासनिक निर्देश

जनपद पंचायत मैनपाट ने सभी सचिवों, रोजगार सहायकों और एनआरएलएम कैडर को निर्देशित किया है कि ऐसे हितग्राहियों की पहचान कर बैंक और बैंक मित्रों से समन्वय स्थापित करें।
आवश्यकता पड़ने पर हितग्राहियों को बैंक तक पहुंचाने की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी।

सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया नर्मदापुर शाखा अंतर्गत कुल 08 बैंक मित्र कार्यरत हैं, जो विभिन्न गांवों में घर-घर जाकर पेंशन और अन्य योजनाओं का भुगतान करते हैं।
अब सभी बैंक मित्रों को वृद्ध हितग्राहियों की ग्रामवार सूची उपलब्ध कराई गई है और उन्हें घर पहुंचकर बैंक संबंधी समस्याओं का त्वरित समाधान करने के निर्देश दिए गए हैं।


📍 जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में किसी भी हितग्राही को पेंशन भुगतान के लिए कठिनाई का सामना नहीं करना पड़ेगा।

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