अम्बिकापुर | अम्बिकापुर नगर निगम क्षेत्र में नजूल भूमि लीज नवीनीकरण को लेकर गंभीर स्थिति बन गई है। शहर में लगभग 20 हजार नजूल पट्टाधारियों में से करीब 80 प्रतिशत की लीज अवधि 31 मार्च 2026 को समाप्त हो चुकी है, जिसके चलते आम नागरिकों और व्यापारियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार, बड़ी संख्या में व्यापारियों ने अपनी नजूल भूमि को बैंक में मॉर्गेज रखकर ऋण और कैश क्रेडिट लिमिट ली हुई है। लेकिन लीज नवीनीकरण लंबित होने के कारण बैंक की ऑडिट टीम द्वारा खातों की समीक्षा में आपत्तियां उठाई जा रही हैं और कई मामलों में लिमिट बंद करने की चेतावनी दी जा रही है। इससे व्यापारियों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
वहीं दूसरी ओर, लीज नवीनीकरण प्रक्रिया में देरी और जटिलता का फायदा उठाकर कुछ दलाल सक्रिय हो गए हैं, जो पट्टाधारियों से लाखों रुपये की अवैध वसूली कर रहे हैं। इससे आम नागरिकों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
शहर के सामाजिक कार्यकर्ताओं और प्रभावित नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि सभी वार्डों में विशेष शिविर लगाकर नजूल तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक और पटवारियों की टीम के माध्यम से मौके पर सत्यापन कर लीज नवीनीकरण की प्रक्रिया को सरल और त्वरित किया जाए।
उन्होंने यह भी आग्रह किया है कि भू-राजस्व संहिता की धारा 165 और 182 के तहत प्राथमिकता के आधार पर सभी पात्र पट्टाधारियों की लीज 30 वर्षों के लिए नवीनीकृत की जाए, ताकि शहर के हजारों परिवारों और व्यापारियों को राहत मिल सके।
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