- डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा के निर्देशन में थाना गांधीनगर पुलिस की कार्रवाई
- आरोपी ने निवेशकों को अतिरिक्त लाभ का झांसा देकर ठगी की
- 5.72 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला दर्ज
- आरोपी राजेश कुमार तिवारी रायपुर से गिरफ्तार
- घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन और सिम जब्त
- अन्य आरोपी फरार, तलाश जारी
⚠️ घटना का विवरण
अंबिकापुर, – थाना गांधीनगर पुलिस ने धनलक्ष्मी स्कीम के नाम पर ठगी करने वाले आरोपी को रायपुर से गिरफ्तार किया है।प्रार्थी अविनाश कुमार निवासी कल्याणपुर, सुरजपुर ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसे कल्याण ज्वेलर्स की स्वर्ण स्कीम के नाम पर निवेश का झांसा देकर ठगा गया।प्रार्थी ने बताया कि शो-रूम कर्मचारी राजेश कुमार तिवारी और अन्य ने उसे विश्वास दिलाया कि जमा की गई राशि के अनुसार सोना उसके नाम पर सुरक्षित रहेगा।प्रभाव में आकर उसने मासिक निवेश शुरू किया और बाद में QR कोड के माध्यम से बड़ी रकम जमा की।
💰 ठगी का तरीका
आरोपियों ने प्रार्थी से अल्प अवधि में अधिक लाभ दिलाने का वादा किया।
21 अक्टूबर 2025 को 30 हजार रुपये जमा करवाए गए और 10 दिन बाद 40 हजार रुपये लौटाए गए, जिससे प्रार्थी का विश्वास बढ़ा।इसके बाद नवंबर से दिसंबर 2025 तक लगातार निवेश के नाम पर कुल 7,59,000 रुपये जमा करवाए गए।लेकिन खाते में केवल 1,87,000 रुपये ही लौटाए गए।
इस प्रकार प्रार्थी से कुल 5,72,000 रुपये की ठगी की गई।
👮 पुलिस की कार्रवाई
प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना गांधीनगर में अपराध क्रमांक 197/26 धारा 318(4) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया।
डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा राजेश कुमार अग्रवाल ने सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
पुलिस ने आरोपी के व्हाट्सएप चैट और बैंक ट्रांजैक्शन डिटेल्स को सबूत के रूप में जप्त किया।
आरोपी राजेश कुमार तिवारी (28 वर्ष, निवासी तेन्दुपारा राधापुर, प्रतापगढ़, थाना सीतापुर, जिला सरगुजा) को रायपुर से हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।
उसने अपराध स्वीकार किया।
पुलिस ने उसके कब्जे से घटना में प्रयुक्त वन प्लस मोबाइल फोन और सिम कार्ड जब्त किया।
🚨 अन्य आरोपी फरार
मामले में शामिल अन्य आरोपी फरार हैं।
पुलिस उनकी तलाश कर रही है और जल्द गिरफ्तारी की संभावना जताई है।
👥 पुलिस टीम की भूमिका
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी गांधीनगर निरीक्षक प्रवीण कुमार द्विवेदी, आरक्षक अरविंद उपाध्याय, ऋषभ सिंह, घनश्याम देवांगन, मोतीलाल केरकेट्टा सक्रिय रहे।
📍 गांधीनगर पुलिस की इस कार्रवाई ने स्पष्ट कर दिया है कि निवेश योजनाओं के नाम पर ठगी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।