सरगुजा पुलिस ने आयोजित की साइबर हाईजीन एवं सुरक्षा कार्यशाला, अधिकारियों-कर्मचारियों को दिया गया प्रशिक्षण

सरगुजा पुलिस ने आयोजित की साइबर हाईजीन एवं सुरक्षा कार्यशाला, अधिकारियों-कर्मचारियों को दिया गया प्रशिक्षण


  • डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा के दिशा-निर्देशन में पुलिस अधीक्षक कार्यालय में कार्यशाला आयोजित
  • पुलिस मुख्यालय रायपुर से आए साइबर कमांडो ने दिया प्रशिक्षण
  • साइबर अटैक से बचाव और डेटा सुरक्षा पर SOP की जानकारी
  • हार्डवेयर, नेटवर्क और इन्फ्रास्ट्रक्चर की जांच की गई

⚠️ कार्यशाला का आयोजन

अंबिकापुर, – साइबर अपराधों की बढ़ती गंभीरता को देखते हुए सरगुजा पुलिस ने साइबर हाईजीन एवं साइबर सुरक्षा पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की।यह कार्यक्रम पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सभाकक्ष में डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा राजेश कुमार अग्रवाल (भा.पु.से.) के दिशा-निर्देशन में संपन्न हुआ।



👨‍💻 प्रशिक्षण की जानकारी

पुलिस मुख्यालय रायपुर की टेक्निकल ब्रांच से आए साइबर कमांडो ने जिले के अधिकारियों और कर्मचारियों को साइबर हाईजीन के मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के बारे में प्रशिक्षित किया।
प्रशिक्षण में बताया गया कि—

  1. हर अकाउंट के लिए मजबूत और अलग पासवर्ड का उपयोग करें।
  2. टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) को सक्रिय करें।
  3. सॉफ्टवेयर और ऑपरेटिंग सिस्टम को नियमित रूप से अपडेट रखें।
  4. संदिग्ध ईमेल और लिंक्स से बचें।
  5. महत्वपूर्ण डेटा का बैकअप लें।
  6. सार्वजनिक Wi-Fi का सुरक्षित उपयोग करें।
  7. विश्वसनीय एंटीवायरस इंस्टॉल करें और नियमित स्कैन करें।
  8. मोबाइल ऐप्स को सीमित अनुमति दें।
  9. सोशल मीडिया पर निजी जानकारी साझा करने से बचें।
  10. सार्वजनिक कंप्यूटर पर काम करने के बाद हमेशा लॉगआउट करें।

🔍 सुरक्षा जांच

साइबर कमांडो ने इकाई के हार्डवेयर, नेटवर्क और अन्य इन्फ्रास्ट्रक्चर की जांच भी की।
इसका उद्देश्य साइबर सुरक्षा के दृष्टिकोण से कमजोरियों की पहचान कर उन्हें दूर करना था।


👥 उपस्थित अधिकारी

कार्यशाला में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सरगुजा अमोलक सिंह ढिल्लों, उप पुलिस अधीक्षक अजाक सुरेश भगत, पीएचक्यू टेक्निकल ब्रांच से साइबर कमांडो दिलीप सिंह और रिखम साहू, साइबर सेल अंबिकापुर टीम समेत जिले के विभिन्न थाना/चौकी और कार्यालय के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।


📍 सरगुजा पुलिस की इस पहल ने स्पष्ट कर दिया है कि साइबर अपराधों से निपटने के लिए आधुनिक तकनीक और जागरूकता दोनों ही आवश्यक हैं। यह प्रशिक्षण न केवल पुलिस बल को सशक्त करेगा बल्कि आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में भी मददगार साबित होगा।

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