- सीतापुर सहकारी बैंक में दो दिनों से भुगतान बंद
- नाराज किसानों ने एनएच-43 पर किया चक्का जाम
- मौके पर पहुंचे एसडीएम राम सिंह ठाकुर और पुलिस प्रशासन
- समझाइश के बाद किसानों ने चक्का जाम समाप्त किया
- ग्रामीणों की मांग – बैंक की कैश लिमिट कम से कम 3 करोड़ रुपये की जाए
⚠️ घटना का विवरण
सरगुजा से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आई है। सीतापुर सहकारी बैंक में कैश की किल्लत के कारण किसानों को भुगतान नहीं मिल पा रहा है।
पिछले दो दिनों से किसानों को उनकी राशि नहीं मिल रही, जिससे वे बेहद परेशान हैं।
👥 किसानों का विरोध
कैश की कमी से नाराज किसानों ने बुधवार को नेशनल हाईवे-43 पर चक्का जाम कर दिया।
इस दौरान सड़क पर यातायात कुछ समय के लिए प्रभावित रहा और ग्रामीणों ने बैंक प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
🚨 प्रशासन की हस्तक्षेप
सूचना मिलते ही एसडीएम राम सिंह ठाकुर और पुलिस प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची।
अधिकारियों ने किसानों से बातचीत कर उन्हें समझाइश दी।
समझाइश के बाद किसानों ने चक्का जाम समाप्त कर दिया।
📑 किसानों की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि सहकारी बैंक की कैश लिमिट कम से कम 3 करोड़ रुपये की जाए।
उनका कहना है कि यदि बैंक में पर्याप्त कैश उपलब्ध रहेगा तो किसानों को समय पर भुगतान मिल सकेगा और उन्हें परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा।
🌱 किसानों की चिंता
किसानों का कहना है कि समय पर भुगतान न मिलने से उनकी खेती-किसानी प्रभावित होती है।
बीज, खाद और अन्य कृषि कार्यों के लिए उन्हें तत्काल नकदी की आवश्यकता होती है।
कैश की कमी से उनकी आर्थिक स्थिति और कठिन हो जाती है।
📍 सीतापुर सहकारी बैंक में कैश की किल्लत और किसानों का चक्का जाम प्रशासन और बैंकिंग व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। अब देखना होगा कि किसानों की मांगों पर प्रशासन और बैंक प्रबंधन क्या कदम उठाते हैं।