नई दिल्ली, पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में उत्पन्न व्यवधान के बीच भारत में पेट्रोलियम उत्पादों और गैस की उपलब्धता को लेकर केंद्र सरकार ने स्थिति स्पष्ट की है। केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री Hardeep Singh Puri ने लोकसभा में बयान देते हुए कहा कि देश में पेट्रोल, डीजल, प्राकृतिक गैस और एलपीजी की आपूर्ति पूरी तरह सुरक्षित है और सरकार ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगातार कदम उठा रही है।
मंत्री ने बताया कि हालिया सैन्य गतिविधियों के कारण Strait of Hormuz से गुजरने वाला मार्ग प्रभावित हुआ है, जिसके जरिए दुनिया का लगभग 20 प्रतिशत कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस और एलपीजी परिवहन होता है। इसके बावजूद भारत ने वैकल्पिक स्रोतों से आपूर्ति बढ़ाकर स्थिति को नियंत्रित रखा है।
उन्होंने कहा कि पहले भारत के कच्चे तेल आयात का लगभग 45 प्रतिशत हिस्सा हॉर्मुज मार्ग से आता था, लेकिन अब गैर-हॉर्मुज स्रोतों से आपूर्ति बढ़ाकर करीब 70 प्रतिशत कर दी गई है। भारत वर्तमान में लगभग 40 देशों से कच्चा तेल आयात कर रहा है, जिससे आपूर्ति का जोखिम काफी कम हुआ है।
मंत्री ने सदन को आश्वस्त करते हुए कहा कि देश में पेट्रोल, डीजल, केरोसिन और विमानन ईंधन (एटीएफ) की कोई कमी नहीं है। सभी पेट्रोल पंप और खुदरा केंद्रों पर पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और आपूर्ति श्रृंखला सामान्य रूप से काम कर रही है।
प्राकृतिक गैस की उपलब्धता के बारे में उन्होंने बताया कि भारत रोजाना करीब 90 एमएमएससीएमडी गैस का घरेलू उत्पादन करता है। जरूरत को देखते हुए गैस का प्राथमिकता के आधार पर आवंटन किया गया है, जिसमें घरों के लिए पाइप्ड गैस और वाहनों के लिए सीएनजी की आपूर्ति 100 प्रतिशत जारी रखी गई है।
एलपीजी की उपलब्धता पर भी सरकार ने कई कदम उठाए हैं। मंत्री के अनुसार भारत पहले अपनी लगभग 60 प्रतिशत एलपीजी जरूरत खाड़ी देशों से आयात करता था, लेकिन अब आपूर्ति को विविध बनाते हुए United States, Norway, Canada, Algeria और Russia से भी एलपीजी कार्गो मंगाए जा रहे हैं। इसके अलावा रिफाइनरियों को एलपीजी उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे पिछले पांच दिनों में उत्पादन में लगभग 28 प्रतिशत वृद्धि हुई है।
उन्होंने कहा कि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता देश के 33 करोड़ से अधिक परिवारों को रसोई गैस की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करना है। घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की डिलीवरी व्यवस्था सामान्य है और बुकिंग के बाद औसतन 2.5 दिन में सिलेंडर उपलब्ध कराया जा रहा है।
मंत्री ने यह भी कहा कि कुछ स्थानों पर जमाखोरी और घबराहट में अधिक बुकिंग की खबरें सामने आई हैं, लेकिन यह वास्तविक कमी नहीं बल्कि उपभोक्ताओं की चिंता के कारण हो रहा है। सरकार ने ऐसी गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए निगरानी और प्रवर्तन कार्रवाई तेज कर दी है।
उन्होंने बताया कि राज्यों के साथ समन्वय कर जिला स्तर पर निगरानी समितियाँ बनाई जा रही हैं और कालाबाजारी रोकने के लिए छापेमारी भी की जा रही है।
अंत में मंत्री ने कहा कि भारत इस वैश्विक ऊर्जा संकट का सामना मजबूती से कर रहा है और सरकार हर नागरिक के लिए ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने अफवाहों से बचने और राष्ट्रीय हित में एकजुट रहने की अपील की।