- मुख्यमंत्री ने अग्रवाल समाज की उद्यमिता, दानशीलता और समाजसेवा की सराहना की।
- औद्योगिक नीति 2024-30 से प्रदेश में 8.23 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए।
- मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं निपुण मिशन के लिए 500 करोड़ रुपये का प्रावधान, 33 जिलों में उद्यमिता विकास केंद्र स्थापित होंगे।
- मुख्यमंत्री ने ट्रेड फेयर का शुभारंभ किया और ‘अग्रकुल दर्शन’ पत्रिका का विमोचन किया।
- महिला शक्ति और युवाओं की भागीदारी से समाज को नई ऊर्जा मिलेगी।
अंबिकापुर, 19 सितंबर 2026। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज अंबिकापुर में आयोजित दो दिवसीय ‘अग्र महाकुंभ-2026’ का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने अग्रवाल समाज की उद्यमिता, दानशीलता, परोपकार और समाजसेवा की समृद्ध परंपरा की सराहना करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की आर्थिक और सामाजिक प्रगति में अग्रवाल समाज की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। व्यापार और व्यवसाय से आगे बढ़कर समाज के उद्यमियों ने उद्योगों की स्थापना, रोजगार सृजन और जनसेवा के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय योगदान दिया है।
मुख्यमंत्री ने महाराजा अग्रसेन जी के आदर्शों का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने सामाजिक समानता, करुणा, सहयोग और सहभागिता पर आधारित समाज की कल्पना की थी। उनका संदेश था कि समाज की वास्तविक उन्नति तभी संभव है, जब प्रत्येक व्यक्ति को आगे बढ़ने का अवसर मिले और जो सक्षम हैं, वे जरूरतमंद लोगों का हाथ थामकर उन्हें भी प्रगति की राह पर आगे बढ़ाएं। अग्रवाल समाज ने महाराजा अग्रसेन जी के इन आदर्शों को पीढ़ी-दर-पीढ़ी अपने आचरण में उतारा है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अग्रवाल समाज की पहचान केवल सफल व्यापार और उद्यमिता तक सीमित नहीं है। अर्थोपार्जन के साथ परमार्थ की भावना इस समाज की विशिष्टता रही है। प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविरों, धर्मशालाओं, शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ी संस्थाओं तथा अनेक जनसेवा गतिविधियों के माध्यम से समाज निरंतर अपनी सामाजिक जिम्मेदारी निभाता आया है।
कोरोना महामारी के कठिन समय का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जब पूरा देश अभूतपूर्व संकट से जूझ रहा था, तब अग्रवाल समाज ने आगे बढ़कर जरूरतमंदों की सहायता की। मरीजों के लिए ऑक्सीजन की व्यवस्था हो, जरूरतमंद परिवारों तक राशन पहुंचाना हो अथवा स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से लोगों की मदद करना हो, समाज ने सेवाभाव का परिचय देते हुए अपनी जिम्मेदारी निभाई।
रोजगार केंद्रित औद्योगिक नीति से खुल रहे निवेश के नए द्वार
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार की औद्योगिक नीति 2024-30 को रोजगार केंद्रित बनाया गया है। इसमें सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों को प्रोत्साहन देने के साथ महिलाओं सहित विभिन्न वर्गों के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। प्रदेश की अर्थव्यवस्था में पर्यटन की बढ़ती संभावनाओं को देखते हुए पर्यटन को भी उद्योग का दर्जा दिया गया है। राज्य को अब तक लगभग 8 लाख 23 हजार करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने युवाओं की उद्यमशीलता को नई दिशा देने के उद्देश्य से हाल ही में ‘मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं निपुण मिशन’ को मंजूरी दी है। इसके लिए आगामी पांच वर्षों में 500 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। मिशन के अंतर्गत प्रदेश के सभी 33 जिलों में उद्यमिता विकास केंद्र स्थापित किए जाने की योजना है। इसके साथ ही 100 इमर्जिंग टेक्नोलॉजी लैब और 5 इंडस्ट्री सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने महिला शक्ति और युवाओं की भागीदारी से समाज को मिलने वाली नई ऊर्जा पर जोर देते हुए कहा कि आज बेटियां और बहनें परिवार की जिम्मेदारियां संभालने के साथ व्यापार, शिक्षा, चिकित्सा, उद्योग, स्टार्टअप और समाजसेवा सहित हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा और नेतृत्व क्षमता का परिचय दे रही हैं। युवाओं को अपने संस्कारों और सामाजिक मूल्यों से जुड़े रहते हुए आधुनिक तकनीक, नवाचार और उद्यमिता को अपनाना होगा।
कार्यक्रम में सरगुजा सांसद श्री चिंतामणी महाराज, बसना विधायक श्री संपत अग्रवाल, छत्तीसगढ़ योग आयोग के अध्यक्ष श्री संजय अग्रवाल, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्री गौरीशंकर अग्रवाल, पूर्व कैबिनेट मंत्री श्री अमर अग्रवाल, अम्बिकापुर नगर निगम महापौर श्रीमती मंजूषा भगत, निगम सभापति श्री हरमिंदर सिंह टिन्नी, कलेक्टर श्री अजीत वसंत, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री राजेश अग्रवाल सहित देशभर से अग्रवाल समाज के राष्ट्रीय एवं प्रांतीय स्तर के अनेक पदाधिकारी, समाजसेवी और जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।