अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में बारिश ने खोली व्यवस्थाओं की पोल, करोड़ों खर्च के बाद भी मेडिकल कॉलेज भवन की हालत बदहाल

अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में बारिश ने खोली व्यवस्थाओं की पोल, करोड़ों खर्च के बाद भी मेडिकल कॉलेज भवन की हालत बदहाल

 टीवी वार्ड की छत का प्लास्टर गिरा, मरीज और स्टाफ नर्स बाल-बाल बचे

अम्बिकापुर। बारिश शुरू होते ही उत्तर छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े मेडिकल कॉलेज अस्पताल अम्बिकापुर की व्यवस्थाओं पर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। लगातार हो रही झमाझम बारिश के बीच मेडिकल कॉलेज अस्पताल भवन के कई हिस्सों में छत से पानी टपकने की शिकायत सामने आई है। खासकर टीवी वार्ड में बारिश का पानी लगातार छत से टपक रहा है, वहीं इसी दौरान छत का प्लास्टर अचानक नीचे गिरने से मरीजों और स्टाफ में हड़कंप मच गया। गनीमत रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई और मरीज व स्टाफ नर्स बाल-बाल बच गए। बारिश के पानी और छत से प्लास्टर गिरने की घटना के कारण अस्पताल में भर्ती मरीजों के साथ उनके परिजनों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

बताया जा रहा है कि टीवी वार्ड में लंबे समय से बारिश के दौरान छत से पानी टपकने की समस्या बनी हुई है। लगातार पानी गिरने के कारण वार्ड में भर्ती मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मरीजों के इलाज के दौरान ही वार्ड में जगह-जगह पानी टपकने से अस्पताल का माहौल भी प्रभावित हो रहा है।

छत का प्लास्टर गिरने की घटना के बाद अस्पताल प्रबंधन की चिंता भी बढ़ गई है। लगातार बारिश के कारण छत से पानी का रिसाव होने से वार्ड की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। मरीजों और उनके परिजनों का कहना है कि बीमारी के इलाज के लिए अस्पताल आने के बाद अब उन्हें बारिश और जर्जर व्यवस्था की समस्या से भी जूझना पड़ रहा है।

मरीजों का आरोप है कि पानी टपकने और छत से प्लास्टर गिरने जैसी स्थिति में वार्ड में भर्ती मरीजों की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है। ऐसे में अस्पताल प्रबंधन से जल्द से जल्द छत की मरम्मत कराने और बारिश के पानी की समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की जा रही है।

बारिश के दौरान अस्पताल के वार्ड और अन्य हिस्सों में पानी टपकने से मरीजों को असुविधा हो रही है। इलाज के लिए पहले से परेशान मरीजों को अब बारिश के पानी से बचने की जद्दोजहद करनी पड़ रही है। कई जगह पानी जमा होने से फिसलन का खतरा भी बना हुआ है।

मेडिकल कॉलेज अस्पताल संभाग का प्रमुख स्वास्थ्य केंद्र है, जहां सरगुजा के अलावा आसपास के जिलों से भी बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में अस्पताल भवन की स्थिति सीधे तौर पर मरीजों की सुविधा और स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़ा मामला है।

नमी और पानी से संक्रमण का भी खतरा

बारिश के दौरान अस्पताल भवन में साफ-सफाई की व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। वार्ड में नमी और फर्श पर पानी जमा होने के कारण संक्रमण फैलने तथा मरीजों के फिसलकर गिरने का खतरा बढ़ सकता है। खासकर बुजुर्ग, गंभीर रूप से बीमार और चलने-फिरने में असमर्थ मरीजों के लिए यह स्थिति और अधिक परेशानी वाली हो सकती है।

करोड़ों खर्च के बाद भी समस्या बरकरार

इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि अस्पताल भवन और सुविधाओं पर करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद बारिश के दिनों में छत से पानी टपकने की समस्या दूर क्यों नहीं हो पा रही है। हर साल बारिश के दौरान इस तरह की समस्याएं सामने आने के बावजूद स्थायी समाधान नहीं होने से निर्माण कार्य की गुणवत्ता और रखरखाव व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।



सीजीएमएस ने समय पर नहीं कराया कार्य

मामले को लेकर मेडिकल कॉलेज अस्पताल के डॉक्टर शैलेन्द्र गुप्ता ने बताया कि अम्बिकापुर में पिछले तीन दिनों से लगातार बारिश होने के कारण अस्पताल में ऐसी स्थिति निर्मित हुई है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष ही मेडिकल कॉलेज अस्पताल के जर्जर भवनों की मरम्मत के लिए सीजीएमएस को अवगत कराया गया था, लेकिन मरम्मत का कार्य आधा-अधूरा ही हुआ है। इसी वजह से बारिश के दौरान इस तरह की समस्या सामने आ रही है। उन्होंने बताया कि मामले की जानकारी संबंधित अधिकारियों को दे दी गई है।

अब देखना यह होगा कि अस्पताल प्रबंधन और संबंधित निर्माण एजेंसी बारिश के बीच मरीजों की सुरक्षा को देखते हुए छत से पानी टपकने और भवन की जर्जर स्थिति की समस्या का स्थायी समाधान कब तक कर पाती है।


एक टिप्पणी भेजें

और नया पुराने