अंबिकापुर। शहर के DHT अस्पताल प्रबंधन ने फार्मेसी संचालक सुशील राय और नवीन द्विवेदी के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए सरगुजा पुलिस से शिकायत की है। अस्पताल प्रबंधन का आरोप है कि फार्मेसी संचालन से जुड़े विवाद के बाद अस्पताल के बैंक खाते से करीब 65 लाख रुपये निजी खाते में ट्रांसफर किए गए। इसके अलावा प्रबंधन ने दोनों पर कथित रूप से धमकी देने और दबाव बनाने के भी आरोप लगाए हैं।
अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक, सुशील राय पिछले करीब 7-8 वर्षों से अस्पताल परिसर में पार्टनरशिप के तहत फार्मेसी की दुकान संचालित कर रहे थे। दुकान संचालन के साथ वह अस्पताल के कार्यों में भी सहयोग करते थे। प्रबंधन का दावा है कि अस्पताल में कथित अनियमितताएं सामने आने के बाद सुशील राय को दुकान खाली करने और अस्पताल से अलग रहने के लिए लिखित एवं मौखिक रूप से कहा गया था।
आरोप है कि दुकान खाली करने की बात से नाराज होकर सुशील राय ने अस्पताल के बैंक खाते में अपना निजी मोबाइल नंबर जुड़वा लिया और नेट बैंकिंग के माध्यम से करीब ₹65 लाख अपने निजी बैंक खाते में ट्रांसफर कर लिए। अस्पताल प्रबंधन ने इसकी शिकायत बैंक और पुलिस से की। शिकायत के बाद बैंक की ओर से संबंधित खाते को होल्ड किए जाने की बात अस्पताल प्रबंधन ने कही है।
इसके बाद अस्पताल प्रबंधन का आरोप है कि सुशील राय और नवीन द्विवेदी की ओर से अस्पताल में कई बार जांच करवाकर प्रबंधन पर दबाव बनाया गया। प्रबंधन का दावा है कि उनसे एकमुश्त ₹25 लाख देने अथवा हर महीने ₹5 लाख देने की मांग की गई। ऐसा नहीं करने पर अंबिकापुर में अस्पताल संचालन नहीं करने देने की कथित धमकी दी गई।
अस्पताल प्रबंधन ने यह भी आरोप लगाया है कि संचालक दंपति को गोली मारने की धमकी दी गई तथा कथित तौर पर जातिसूचक गालियां भी दी गईं। इन आरोपों को लेकर प्रबंधन की ओर से सरगुजा पुलिस में कई बार शिकायत किए जाने की बात कही गई है।
पुलिस कर रही आरोपों की जांच
फिलहाल मामले में लगाए गए आरोपों की पुलिस स्तर पर जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि शिकायत में लगाए गए आरोपों और उपलब्ध तथ्यों की जांच की जा रही है। जांच में तथ्य सामने आने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।