- मेडिकल एवं इंजीनियरिंग की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों को स्कूलों में ही ऑनलाइन क्लासेस की सुविधा।
- हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी विद्यालयों में बालिकाओं को सैनिटरी पैड प्रदाय के निर्देश।
- पीवीटीजी समुदाय के बच्चों को अगली कक्षाओं में प्राथमिकता के साथ प्रवेश दिलाने के निर्देश।
- अतिथि व्याख्याताओं की नियुक्ति, साइकिल वितरण में गुणवत्ता परीक्षण और विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं की व्यवस्था पर जोर।
अंबिकापुर, – कलेक्टर अजीत वसंत ने शनिवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में स्कूल शिक्षा विभाग की विस्तृत समीक्षा बैठक ली। बैठक में जिला पंचायत सीईओ विनय कुमार अग्रवाल, जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. दिनेश कुमार झा, सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारी, प्राचार्य एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
कलेक्टर ने कहा कि नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत हो चुकी है, इसलिए प्रारंभ से ही सुनियोजित कार्ययोजना बनाकर कार्य किया जाए ताकि जिले के प्रत्येक विद्यार्थी को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध हो सके और आगामी परीक्षाओं में बेहतर परिणाम प्राप्त हों।
मेडिकल एवं इंजीनियरिंग की तैयारी के लिए ऑनलाइन क्लासेस
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जिले के सभी हायर सेकेंडरी विद्यालयों में मेडिकल एवं इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी के लिए ऑनलाइन क्लासेस शुरू की जाएं।
- ग्यारहवीं कक्षा से ही छात्रों को ऑनलाइन मार्गदर्शन मिलेगा।
- प्रत्येक विद्यालय में इंटरनेट कनेक्टिविटी, पृथक कक्ष और बड़ी स्क्रीन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
- रायपुर में नीट एवं जेईई की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों की नियमित मॉनिटरिंग और फीडबैक लिया जाएगा।
- छात्रों को टेस्ट सीरीज और प्रश्न अभ्यास कराया जाएगा।
बालिकाओं के लिए सैनिटरी पैड वितरण
कलेक्टर ने 15वें वित्त की स्वच्छता मद से जिले के सभी हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी विद्यालयों में बालिकाओं को सैनिटरी पैड प्रदाय कराने के निर्देश दिए।
अतिथि व्याख्याताओं की नियुक्ति
डीएमएफ मद से 26 अतिथि व्याख्याताओं की स्वीकृति दी गई है।
- भर्ती प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश।
- शाला विकास समिति के माध्यम से पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी।
पीवीटीजी समुदाय के बच्चों पर विशेष फोकस
कलेक्टर ने विशेष पिछड़ी जनजाति (पीवीटीजी) समुदाय के बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
- आश्रम-छात्रावासों में अध्ययनरत बच्चों की सूची तैयार की जाएगी।
- कक्षा 5वीं, 8वीं, 9वीं और 11वीं में प्रवेश लेने वाले बच्चों को प्राथमिकता दी जाएगी।
- यदि कोई बच्चा विद्यालय छोड़ने की स्थिति में है तो अभिभावकों से संपर्क कर उन्हें शिक्षा के प्रति प्रेरित किया जाएगा।
विद्यालयों में आधारभूत सुविधाएं
कलेक्टर ने विद्यालय परिसरों की साफ-सफाई, पेयजल, शौचालय, विद्युत व्यवस्था, फर्नीचर और मरम्मत कार्य समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए।
- 300 विद्यालयों में बालिकाओं के लिए पृथक शौचालय निर्माण की स्वीकृति।
- नगरीय क्षेत्रों में डीएमएफ मद से शौचालय निर्माण।
साइकिल वितरण और गुणवत्ता परीक्षण
कलेक्टर ने निशुल्क साइकिल वितरण योजना की समीक्षा करते हुए कहा कि वितरण से पहले साइकिल की गुणवत्ता का परीक्षण अनिवार्य रूप से किया जाए।
अपार आईडी और आधार निर्माण
कलेक्टर ने विद्यार्थियों के अपार आईडी और आधार निर्माण की प्रगति की समीक्षा की।
- जिन विद्यार्थियों का जन्म प्रमाण पत्र बन चुका है, उनका आधार कार्ड शीघ्र बनवाया जाए।
- संबंधित विभागों के समन्वय से प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश।
सेवानिवृत्त कर्मचारियों को समय पर दस्तावेज
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि सेवानिवृत्ति के दिन ही कर्मचारियों को पीपीओ, जीपीओ प्राधिकार पत्र सहित सभी आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराए जाएं।
कलेक्टर अजीत वसंत की इस समीक्षा बैठक से स्पष्ट है कि जिले में शिक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी, परिणाममुखी और पारदर्शी बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। मेडिकल एवं इंजीनियरिंग की तैयारी से लेकर बालिकाओं की सुविधा और पीवीटीजी समुदाय के बच्चों की शिक्षा तक, हर स्तर पर सुधार की कोशिशें तेज हो गई हैं।