अंबिकापुर के वेटनरी डॉक्टर सीके मिश्रा पर गंभीर आरोप, शासन स्तर तक गूंजा मामला

अंबिकापुर के वेटनरी डॉक्टर सीके मिश्रा पर गंभीर आरोप, शासन स्तर तक गूंजा मामला

  • डॉक्टर सीके मिश्रा पर सूअर पालन केंद्र से सूअर बेचने का आरोप
  • रंगे हाथ पकड़े जाने पर निलंबन की कार्रवाई
  • स्थानांतरण गरियाबंद होने के बावजूद सकालो केंद्र से वेतन निकालने का आरोप
  • लगभग 20 लाख रुपये की गड़बड़ी का मामला
  • कूटरचित दस्तावेज देकर स्थानांतरण समिति को गुमराह करने का आरोप
  • जांच जारी, डॉक्टर अजय अग्रवाल पर भी नोटिस जारी

अंबिकापुर में एक वेटनरी डॉक्टर हैं, नाम है सीके मिश्रा। अपने आप में तो ये डॉक्टर साहब खुद को बड़े नवाचार करने वाले डॉक्टर मानते हैं, लेकिन इनके कारनामे इन दिनों शासन स्तर तक चर्चा में हैं।

 वीओ

कुछ दिन पहले इस डॉक्टर पर आरोप लगा था कि डॉक्टर साहब सकालो के सूकर पालन केंद्र से सूअर बेचते हैं। बताया तो यह भी जाता है कि सूअर बेचते हुए इन्हें रंगे हाथ पकड़ा भी गया था और उसी आरोप में इन्हें निलंबित भी किया गया था।

अब इनका नया कारनामा सामने आया है कि इनका स्थानांतरण वर्ष 2025 में ही गरियाबंद हो गया था, लेकिन इनकी सैलरी हर महीने सकालो के सूअर पालन केंद्र से निकल रही है। आरोप है कि लगभग 20 लाख रुपये की गड़बड़ी यह डॉक्टर कर चुके हैं।

शुक्ला, उप संचालक, सरगुजा पशु विभाग

"डॉक्टर सीके मिश्रा का स्थानांतरण जून 2025 में ही गरियाबंद कर दिया गया था और उन्हें कार्यमुक्त भी कर दिया गया था। लेकिन वे वहां कार्यरत नहीं हुए और सकालो केंद्र से ही वेतन निकालते रहे।"

 वीओ

दरअसल, अंबिकापुर से लगे ग्राम पंचायत सकालो के सूअर पालन केंद्र में कार्यरत डॉक्टर सीके मिश्रा का स्थानांतरण जून 2025 में ही गरियाबंद कर दिया गया था। जून 2025 में ही उप संचालक द्वारा सीके मिश्रा को कार्यमुक्त भी कर दिया गया था।

लेकिन सीके मिश्रा गरियाबंद जाकर कार्यरत नहीं हुए। उन्होंने स्थानांतरण अपील समिति में याचिका लगाई कि उनका स्थानांतरण नियम विरुद्ध किया गया है। समिति ने भी माना कि स्थानांतरण नियम विरुद्ध हुआ है।

अब आती है कहानी में असली मोड़ – आरोप है कि सीके मिश्रा ने कूटरचित दस्तावेज देकर स्थानांतरण समिति को गुमराह किया। क्योंकि वे वर्ष 2022 से ही सकालो के सूअर पालन केंद्र में पदस्थ हैं, लेकिन उन्होंने अपनी पदस्थापना वर्ष 2025 की बताई।

 डॉक्टर सीके मिश्रा

"मेरे खिलाफ लगाए गए आरोप निराधार हैं। स्थानांतरण प्रक्रिया में त्रुटि हुई थी, इसलिए मैंने अपील की थी।"

बहरहाल, जांच जारी है। सीके मिश्रा अभी भी सूअर पालन केंद्र में डटे हुए हैं और आरोप है कि डॉक्टर अजय अग्रवाल, सहायक शल्यज्ञ एवं प्रबंधक की मदद से लगातार अपनी सैलरी निकाल रहे हैं। डायरेक्टर की ओर से डॉक्टर अजय अग्रवाल को भी नोटिस जारी किया गया है कि आखिर किस आधार पर सीके मिश्रा की सैलरी सूकर पालन केंद्र से निकाली जा रही है। हालांकि, हमने डॉक्टर अजय अग्रवाल से बात करने का प्रयास किया, लेकिन उन्होंने कैमरे पर बात करने से साफ मना कर दिया।

यह मामला अब शासन स्तर तक गूंज रहा है। जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा कि डॉक्टर सीके मिश्रा और संबंधित अधिकारियों पर क्या कार्रवाई की जाएगी।

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