- कलेक्टर अजीत वसंत ने जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया
- स्काउट-गाइड, एनएसएस, एनसीसी और रेडक्रॉस के छात्रों ने निकाली रैली
- तंबाकू और धूम्रपान के दुष्प्रभावों पर विशेषज्ञों ने दी जानकारी
- सरगुजा जिला पहले से घोषित है धूम्रपान मुक्त जिला
📰 विस्तृत समाचार
अंबिकापुर, – विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर जिले में जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कलेक्टर अजीत वसंत ने जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
इस दौरान स्काउट-गाइड, एनएसएस, एनसीसी और रेडक्रॉस सोसाइटी के छात्र-छात्राओं ने रैली निकालकर आमजन को तंबाकू मुक्त जीवन का संदेश दिया।
कलेक्टर ने कहा कि “तंबाकू, गुटखा, सिगरेट और अन्य नशीले पदार्थ समाज के लिए गंभीर चुनौती हैं। यह न केवल स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाते हैं बल्कि परिवार और आर्थिक स्थिति को भी कमजोर करते हैं।”
उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे स्वयं तंबाकू से दूर रहें और समाज को भी इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करें।
🩺 विशेषज्ञों की राय
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पी.एस. मार्को ने बताया कि धूम्रपान करने वाले व्यक्ति के साथ-साथ उसके आसपास रहने वाले लोग भी सेकंड हैंड स्मोकिंग से प्रभावित होते हैं।
तंबाकू सेवन से मुख कैंसर, फेफड़ों का कैंसर, हृदय रोग, अस्थमा और सीओपीडी जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
नोडल अधिकारी डॉ. शैलेन्द्र गुप्ता ने कहा कि धूम्रपान छोड़ने के कुछ ही घंटों में शरीर में सकारात्मक बदलाव शुरू हो जाते हैं।
उन्होंने इसे स्वस्थ और नशामुक्त समाज के निर्माण का जन-संकल्प बताया।
🌟 सरगुजा की उपलब्धि
वर्ष 2021 में सरगुजा जिला को कोटपा अधिनियम 2003 के प्रभावी अनुपालन के लिए छत्तीसगढ़ का एकमात्र धूम्रपान मुक्त जिला घोषित किया गया था।
एम्स द्वारा किए गए सर्वे में जिले में अधिनियम की धारा 4 का अनुपालन स्तर 95.7 प्रतिशत पाया गया था।
🛡️ प्रशासन की सख्ती
कलेक्टर ने संबंधित विभागों को सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान निषेध अधिनियम का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने और उल्लंघन करने वालों पर कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
उन्होंने स्कूलों, कॉलेजों और सामाजिक संस्थाओं से नशामुक्ति अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की।
📍 कार्यक्रम में एस.के. शशिवासन, नरेश कुमार दुबे, सुनीता दास, आर्यन सिंह, प्रशांत, काउंसलर रानू सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।