- थाना कोतवाली के प्रकरण में दो आरोपी गिरफ्तार
- म्यूल खातों के विरुद्ध महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, गुजरात और छत्तीसगढ़ से ऑनलाइन शिकायतें दर्ज
- आरोपी सूरज कुमार और धीरज सिंह गिरफ्तार, खातों में ₹2,04,200 का संदिग्ध लेनदेन
- पुलिस मुख्यालय नवा रायपुर के निर्देश पर कार्रवाई
- थाना कोतवाली पुलिस की सक्रियता से मिली सफलता
📰 विस्तृत समाचार
अंबिकापुर, – डीआईजी एवं एसएसपी राजेश अग्रवाल (भा.पु.से.) के दिशा-निर्देश पर सरगुजा पुलिस द्वारा म्यूल अकाउंट, पीओएस और फर्जी सिम धारकों के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है।
इसी क्रम में थाना कोतवाली पुलिस ने म्यूल अकाउंट मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा है।
📝 प्रकरण का विवरण
पुलिस मुख्यालय (तकनीकी सेवाएं) नवा रायपुर द्वारा म्यूल अकाउंट के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए थे।
थाना कोतवाली पुलिस ने इंडियन बैंक खाता क्रमांक 7844758099 और बैंक ऑफ महाराष्ट्र खाता क्रमांक 60504614490 के धारक सूरज कुमार पिता राजू कश्यप, निवासी मंगल पांडेय वार्ड, अंबिकापुर के विरुद्ध अपराध क्रमांक 374/2026 धारा 318(4), 317(4), 3(5) बीएनएस दर्ज किया।
इन खातों के विरुद्ध महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, गुजरात और छत्तीसगढ़ से साइबर पुलिस पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन शिकायतें दर्ज हुई थीं।
जांच में पाया गया कि दोनों खातों में ऑनलाइन माध्यम से कुल ₹2,04,200 की राशि प्राप्त हुई है।
👥 गिरफ्तार आरोपी
- सूरज कुमार पिता राजू कश्यप, निवासी मंगल पांडेय वार्ड, अंबिकापुर
- धीरज सिंह पिता स्व. दिलीप सिंह, उम्र 34 वर्ष, निवासी फुण्डूरडिहारी, बीचपारा थाना गांधीनगर
जांच के दौरान सूरज कुमार से पासबुक, चेकबुक और एटीएम कार्ड पेश करने को कहा गया।
उसने बताया कि ये दस्तावेज आयुष सिन्हा उर्फ दीप सिन्हा को दिए गए थे, जिनका उपयोग ठगी रकम ट्रांसफर करने में किया गया।
धीरज सिंह ने भी स्वीकार किया कि उसने सूरज कुमार से लिए गए बैंक दस्तावेज आयुष सिन्हा को दिए थे।
साक्ष्य मिलने पर दोनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया।
👮 पुलिस की भूमिका
इस कार्रवाई में थाना कोतवाली प्रभारी/निरीक्षक शशिकांत सिन्हा, उपनिरीक्षक राजेन्द्र सिंह, प्रधान आरक्षक सियाराम मरावी, आरक्षक लालबाबू सिंह और सैनिक संतोष पटेल की भूमिका महत्वपूर्ण रही।
📍 सरगुजा पुलिस ने स्पष्ट किया है कि म्यूल अकाउंट और साइबर फ्रॉड से जुड़े मामलों में लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि आम नागरिक सुरक्षित बैंकिंग सुविधा का लाभ उठा सकें।