सुशासन तिहार: संकट में संबल बनी योजनाएं, किसानों और बेसहारा परिवारों को मिली राहत

सुशासन तिहार: संकट में संबल बनी योजनाएं, किसानों और बेसहारा परिवारों को मिली राहत

  • राष्ट्रीय परिवार सहायता योजना से डाड़गांव की संपतिया को ₹20,000 की आर्थिक मदद
  • पति के निधन से बेसहारा हुई महिला को त्वरित सहायता
  • सलबा के किसान चंद्रभान को 75% अनुदान पर विद्युत पंप मिला
  • सिंचाई की समस्या दूर होने से खेती में आएगी नई उम्मीद

📰 विस्तृत समाचार

अंबिकापुर,  – राज्य शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं सुशासन तिहार के माध्यम से जरूरतमंदों तक तेजी से पहुंच रही हैं।
इस अभियान ने गरीब परिवारों और किसानों के जीवन में राहत और उम्मीद की नई किरण जगाई है।



🏠 बेसहारा महिला को संबल

उदयपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत डाड़गांव की श्रीमती संपतिया के पति के आकस्मिक निधन के बाद परिवार भरण-पोषण के संकट में था।
सुशासन तिहार के दौरान प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उन्हें राष्ट्रीय परिवार सहायता योजना के अंतर्गत ₹20,000 की आर्थिक सहायता राशि प्रदान की।

संपतिया ने भावुक होकर कहा –
“मेरे पति के निधन के बाद मैं पूरी तरह असहाय हो गई थी। सुशासन तिहार के अवसर पर मुझे यह मदद मिली है। इसके लिए मैं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त करती हूं।”



🚜 किसानों के चेहरों पर लौटी मुस्कान

ग्राम पंचायत सलबा के किसान चंद्रभान ने सिंचाई की समस्या को लेकर आवेदन किया था।
सुशासन तिहार में त्वरित कार्रवाई करते हुए शासन ने उन्हें 75% अनुदान पर 5 एचपी का विद्युत पंप प्रदान किया।

किसान चंद्रभान ने खुशी जाहिर करते हुए कहा –
“पहले खेतों तक पानी पहुंचाना लगभग असंभव था। अब विद्युत पंप मिलने से समय पर सिंचाई हो सकेगी और फसलें सुरक्षित रहेंगी।”


🌟 सुशासन तिहार का प्रभाव

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशन में आयोजित सुशासन तिहार का उद्देश्य है –

  • पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का त्वरित लाभ पहुंचाना
  • किसानों को उन्नत तकनीक से जोड़ना
  • गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों को संकट में वित्तीय सहारा देना

📍 सुशासन तिहार ने साबित किया है कि शासन की योजनाएं केवल कागजों तक सीमित नहीं, बल्कि सीधे आमजन तक पहुंचकर उनके जीवन में वास्तविक बदलाव ला रही हैं।

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