अंबिकापुर गुरुद्वारा में मत्था टेककर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना, सेवा और समरसता को बताया विकास का मार्ग

अंबिकापुर गुरुद्वारा में मत्था टेककर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना, सेवा और समरसता को बताया विकास का मार्ग


  • गुरुद्वारा में मत्था टेककर प्रदेश और देश की प्रगति के लिए अरदास
  • समाज में सेवा, त्याग और मानवता के महत्व पर जोर
  • शांति, सौहार्द और सहयोग को विकास का आधार बताया गया
  • गुरुद्वारा प्रबंध समिति और श्रद्धालुओं ने स्वागत किया

⚠️ कार्यक्रम का आयोजन

अंबिकापुर, – अम्बिकापुर स्थित गुरुद्वारा में विशेष कार्यक्रम आयोजित हुआ।
इस अवसर पर प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और लोककल्याण के लिए अरदास की गई।



📑 सेवा और समरसता का संदेश

कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि गुरुद्वारा जैसे पवित्र स्थल हमें सेवा, त्याग और मानवता का संदेश देते हैं।
समाज में शांति, सौहार्द और परस्पर सहयोग की भावना ही समग्र विकास का आधार है।जब समाज एकजुट होकर आगे बढ़ता है, तभी प्रदेश और देश प्रगति के नए आयाम स्थापित करते हैं।


👥 जनता और श्रद्धालुओं की सहभागिता

गुरुद्वारा प्रबंध समिति के पदाधिकारियों और श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर स्वागत किया।लोगों ने प्रदेश की उन्नति और समाज में शांति बनाए रखने की कामना की।


📑 जनकल्याण का संकल्प

कार्यक्रम में यह भी उल्लेख किया गया कि राज्य सरकार जनकल्याण के संकल्प के साथ निरंतर कार्य कर रही है।
हर वर्ग के उत्थान और समावेशी विकास के लिए योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनका उद्देश्य अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाना है।


📍 अंबिकापुर गुरुद्वारा में आयोजित यह कार्यक्रम सेवा, समरसता और मानवता के महत्व को रेखांकित करता है और समाज को एकजुट होकर विकास की दिशा में आगे बढ़ने का संदेश देता है।

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