मुकेश पटाखा अग्निकांड: फोरेंसिक टीम ने जुटाए अहम सबूत, 7 दिन में कलेक्टर को रिपोर्ट सौंपेगी उच्च स्तरीय कमेटी

मुकेश पटाखा अग्निकांड: फोरेंसिक टीम ने जुटाए अहम सबूत, 7 दिन में कलेक्टर को रिपोर्ट सौंपेगी उच्च स्तरीय कमेटी


  • जिला प्रशासन ने जांच की रफ्तार तेज की
  • फोरेंसिक विशेषज्ञों ने घटनास्थल से नमूने एकत्र किए
  • जले हुए पटाखों के रैपर, खोखे और प्लास्टिक अवशेषों की जांच होगी
  • 7 दिन में कलेक्टर को विस्तृत रिपोर्ट सौंपेगी कमेटी
  • घनी आबादी में अवैध पटाखा भंडारण पर उठे सवाल
  • जनता में भारी आक्रोश, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग

⚠️ जांच की दिशा

अंबिकापुर, – शहर के बहुचर्चित मुकेश पटाखा और प्लास्टिक दुकान अग्निकांड मामले में जिला प्रशासन ने जांच की रफ्तार तेज कर दी है।कलेक्टर द्वारा गठित उच्च स्तरीय संयुक्त कमेटी की निगरानी में सोमवार को फोरेंसिक एक्सपर्ट्स की टीम घटनास्थल पर पहुंची।टीम ने मलबे से महत्वपूर्ण नमूने एकत्र किए, जिनमें जले हुए पटाखों के रैपर, खोखे और प्लास्टिक के पिघले अवशेष शामिल हैं।



🔍 फोरेंसिक जांच

फोरेंसिक विशेषज्ञों ने दुकान और गोदाम के भीतर बारीकी से निरीक्षण किया।
सैंपलों की जांच से यह स्पष्ट होगा कि आग लगने का मुख्य कारण क्या था और किस श्रेणी के विस्फोटकों का भंडारण किया गया था।
यह जांच सुरक्षा मानकों की अनदेखी और रिहायशी इलाके में विस्फोटक भंडारण की अनुमति जैसे बिंदुओं पर केंद्रित है।



📑 रिपोर्ट की समयसीमा

कलेक्टर के निर्देश पर बनी उच्च स्तरीय कमेटी को 7 दिनों के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट सौंपनी है।
इस रिपोर्ट में प्रशासनिक जिम्मेदारी, नियमों की अनदेखी और अवैध भंडारण की पूरी तस्वीर सामने आने की उम्मीद है।



🌍 पर्यावरणीय और सामाजिक खतरा

23 अप्रैल को हुई इस भीषण आगजनी ने पूरे शहर को दहला दिया था।
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि घनी आबादी वाले क्षेत्र में भारी मात्रा में पटाखों का अवैध भंडारण किया गया था।
इससे न केवल पर्यावरणीय संतुलन बिगड़ा बल्कि जनहानि का खतरा भी बढ़ गया।


👥 जनता का आक्रोश

स्थानीय निवासियों का कहना है कि शहर के बीचों-बीच चल रहे इस अवैध कारोबार ने एक बड़ा हादसा जन्म दिया।
लोगों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और ऐसे गोदामों को शहर से बाहर स्थानांतरित करने की मांग की है।
जनता का आक्रोश प्रशासन पर दबाव बना रहा है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।


📍 अंबिकापुर का यह अग्निकांड न केवल अवैध कारोबार और प्रशासनिक लापरवाही का उदाहरण है, बल्कि शहर के जल संसाधनों और सुरक्षा पर गंभीर खतरे की चेतावनी भी है।

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