आयुष्मान कार्ड से इलाज के दावे के बीच केडी अस्पताल में मरीज की मौत, परिजनों ने उठाए गंभीर सवाल

आयुष्मान कार्ड से इलाज के दावे के बीच केडी अस्पताल में मरीज की मौत, परिजनों ने उठाए गंभीर सवाल

अंबिकापुर। अंबिकापुर के केडी अस्पताल में इलाज के दौरान 26 वर्षीय संतोष कुमार यादव की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। परिजनों का आरोप है कि आयुष्मान कार्ड से निःशुल्क इलाज कराने की बात कही गई, लेकिन भर्ती और दवाइयों के नाम पर रकम ली गई। उनका कहना है कि मरीज की हालत नाजुक होने के बावजूद उसे आईसीयू में शिफ्ट नहीं किया गया।

मेडिकल कॉलेज से केडी अस्पताल पहुंचाया गया था मरीज

कुसमी के थानपारा निवासी संतोष यादव की 28 अक्टूबर को तबीयत बिगड़ने पर उन्हें मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया था। परिजनों के अनुसार, इसी दौरान रामजीवन उर्फ जीवन ने बेहतर उपचार का आश्वासन देते हुए आयुष्मान कार्ड से निःशुल्क इलाज कराने की बात कही। इसके बाद मरीज को ऑटो से केडी अस्पताल पहुंचाया गया।

भर्ती और दवाइयों के नाम पर रकम लेने का आरोप

परिजनों का आरोप है कि भर्ती के समय 2,800 रुपये नकद जमा कराए गए, जबकि दवाइयों के एवज में करीब 6 हजार रुपये से अधिक रकम ली गई। उनका कहना है कि मरीज की स्थिति लगातार बिगड़ने के बावजूद उसे आईसीयू में शिफ्ट नहीं किया गया। अंततः संतोष यादव की मौत हो गई।

परिजनों ने मांगी जांच और जवाबदेही

इस घटनाक्रम ने आयुष्मान भारत योजना के तहत निःशुल्क इलाज के दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजन यह जानना चाहते हैं कि मुफ्त इलाज के दावे के बीच भुगतान क्यों लिया गया और गंभीर स्थिति में आईसीयू की व्यवस्था क्यों नहीं कराई गई। वे मामले की निष्पक्ष जांच और जवाबदेही तय करने की मांग कर रहे हैं।

मृतक के भाई अजय ने पूरी घटना का विवरण दिया है, जबकि मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी की ओर से भी मामले पर प्रतिक्रिया दी गई है। मामले की जांच और आरोपों की पुष्टि के लिए संबंधित विभाग की ओर से आगे की कार्रवाई की जा रही है।

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