अंबिकापुर। सरगुजा सहित उत्तर छत्तीसगढ़ में चक्रवाती तूफान के प्रभाव से मौसम बदल गया है। घने बादलों के साथ कई इलाकों में बारिश से किसानों की चिंता बढ़ गई है। खेतों में कटाई के बाद रखी धान की फसल भीगने लगी है, वहीं खड़ी फसल के गिरने का खतरा भी बना हुआ है।
धान की कटाई एवं मिंजाई प्रभावित होने की आशंका
धान की फसल पककर तैयार होने के बाद किसान कटाई में जुटे हैं। इस समय बारिश से खेतों में रखी धान की बालियां भीग सकती हैं। नमी बढ़ने से धान की गुणवत्ता प्रभावित होने के साथ मिंजाई और भंडारण में भी परेशानी आ सकती है।
तेज हवा और बारिश से तैयार फसल जमीन पर गिरने की आशंका भी जताई जा रही है। किसान फसल को सुरक्षित घरों तक पहुंचाने में जुटे हैं, लेकिन बारिश के कारण उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
अगले 48 घंटे तक बारिश की संभावना
मौसम संबंधी पूर्वानुमान के अनुसार सरगुजा सहित उत्तर छत्तीसगढ़ के कई क्षेत्रों में अगले 48 घंटे तक बादल छाए रहने और बारिश की संभावना बनी रह सकती है। कुछ इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश होने से खेतों में खड़ी फसल को नुकसान पहुंचने की आशंका है। हालांकि, जिलेवार बारिश की मात्रा और प्रभाव अलग-अलग हो सकता है।
किसानों को सतर्क रहने की सलाह
मौसम के बदलते मिजाज को देखते हुए किसानों को सतर्क रहने की जरूरत है। कटी हुई धान की फसल को जहां संभव हो, सुरक्षित और ढके हुए स्थान पर रखने तथा खेतों में जलभराव से बचाव के उपाय करने की सलाह दी जा रही है। किसानों को मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों पर ध्यान देना चाहिए।
फिलहाल किसानों की नजर मौसम पर टिकी हुई है। यदि बारिश का सिलसिला जारी रहता है, तो धान की कटाई और मिंजाई में देरी होने के साथ फसल की गुणवत्ता पर भी असर पड़ सकता है।
