लखनपुर। सरगुजा जिले के लखनपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत उमरौली के आश्रित ग्राम कंचनपुर में ग्रामीणों ने गांव को नशामुक्त बनाने की पहल की है। शुक्रवार, 23 अक्टूबर को जागरूकता रैली निकालकर शराब के दुष्परिणामों की जानकारी दी गई और लोगों से नशे से दूर रहने की अपील की गई।
गांव में शराबबंदी को प्रभावी बनाने के लिए ग्राम पंचायत की पहल पर ग्राम समिति का गठन किया गया है। समिति ने शराब बनाने, पिलाने और शराब पीकर गांव में विवाद करने वालों पर आर्थिक दंड लगाने का निर्णय लिया है। ग्राम संगठन के बनाए नियमों के अनुसार, शराब बनाने पर 6 हजार रुपये, शराब पिलाने पर 3 हजार रुपये तथा बाहर से शराब पीकर गांव में लड़ाई-झगड़ा करने पर 3 हजार रुपये जुर्माना तय किया गया है। यह ग्राम समिति का निर्णय है; इसकी प्रशासनिक स्वीकृति अथवा वैधानिक स्थिति की जानकारी साझा नहीं की गई है।
रैली और सभा के माध्यम से किया जागरूक
जागरूकता रैली और सभा के दौरान ग्रामीणों को शराब से होने वाले सामाजिक, पारिवारिक और आर्थिक नुकसान के बारे में बताया गया। लोगों से अपील की गई कि गांव को नशामुक्त बनाने के लिए सामूहिक रूप से सहयोग करें और शराब के कारण होने वाले विवादों को रोकने में अपनी भूमिका निभाएं।
अभियान का उद्देश्य गांव में शांतिपूर्ण सामाजिक वातावरण तैयार करना और नशे के खिलाफ सामूहिक जागरूकता बढ़ाना है। ग्रामीणों ने पूर्ण शराबबंदी की पहल को सफल बनाने के लिए सभी परिवारों की सहभागिता पर जोर दिया।
केवरी और खरसुरा के बाद कंचनपुर में अभियान
दी गई जानकारी के अनुसार, लखनपुर विकासखंड के ग्राम केवरी को नशामुक्त गांव घोषित किए जाने के बाद उदयपुर विकासखंड के खरसुरा में भी नशामुक्ति जागरूकता अभियान चलाया गया था। इसी क्रम में अब कंचनपुर के ग्रामीणों ने रैली निकालकर शराबबंदी के पक्ष में एकजुटता दिखाई है।
ग्रामीणों को उम्मीद है कि सामूहिक प्रयास से गांव में शराब के कारण होने वाले विवादों पर रोक लगाने और नशामुक्त वातावरण बनाने में मदद मिलेगी।
