- अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रितेश चौधरी के नेतृत्व में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला हुई।
- गृह मंत्रालय और भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र द्वारा संचालित डिजिटल टूल्स पर प्रशिक्षण दिया गया।
- GRM, MRM, FIR Conversion, SAMANVAYA और CyTrain पोर्टल की जानकारी दी गई।
- ऑपरेटरों को साइबर धोखाधड़ी की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई की प्रक्रिया समझाई गई।
- सभी थाना/चौकी के CCTNS कंप्यूटर ऑपरेटर उपस्थित रहे।
अंबिकापुर, डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा श्री राजेश अग्रवाल के निर्देशन में आज पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सभाकक्ष में जिले के सभी थानों के सीसीटीएनएस (Crime and Criminal Tracking Network & Systems) कंप्यूटर ऑपरेटरों के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यशाला अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सरगुजा एवं नोडल अधिकारी श्री रितेश चौधरी के नेतृत्व में आयोजित की गई। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य गृह मंत्रालय (MHA) और भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) द्वारा संचालित आधुनिक डिजिटल टूल्स और प्रणालियों के संबंध में कंप्यूटर ऑपरेटरों की तकनीकी दक्षता को बढ़ाना है, ताकि साइबर अपराधों पर त्वरित और प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
कार्यशाला में GRM पोर्टल (Grievance Redressal Module) के बारे में विस्तार से बताया गया। ऑपरेटरों को नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल के इस शिकायत निवारण मॉड्यूल के बारे में जानकारी दी गई। इसके माध्यम से साइबर धोखाधड़ी का शिकार हुए नागरिकों की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए बैंकों और वित्तीय संस्थानों के साथ समन्वय कर संदिग्ध खातों को तत्काल होल्ड या फ्रीज करने की प्रक्रिया बताई गई।
MRM पोर्टल (Money Restoration Module) के तहत ऑनलाइन धोखाधड़ी के शिकार हुए पीड़ितों का पैसा वापस कराने के लिए (mrm-ncrp.mha.gov.in) पोर्टल की उपयोगिता समझाई गई। 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत के बाद, होल्ड की गई राशि को कानूनी प्रक्रिया के तहत पीड़ित के बैंक खाते में वापस सुरक्षित ट्रांसफर करने की पूरी कमान इसी पोर्टल से संभाली जाती है।
FIR Conversion (एफआईआर रूपांतरण) के तहत नागरिकों द्वारा साइबर पोर्टल पर की गई ऑनलाइन शिकायतों को जांच के उपरांत CCTNS प्रणाली के भीतर डिजिटल रूप से नियमित प्रथम सूचना रिपोर्ट में तब्दील करने की तकनीकी प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। SAMANVAYA (समन्वय) पोर्टल के माध्यम से आई-4-सी (I4C) द्वारा संचालित इस केंद्रीय मंच के माध्यम से विभिन्न राज्यों की पुलिस और एजेंसियों के बीच डेटा साझा करने की पद्धति बताई गई।
इस पोर्टल पर संदिग्ध मोबाइल नंबर, फर्जी सिम बेचने वाले डीलर, एटीएम लोकेशन और म्यूल एकाउंट्स का डेटा मैप कर अंतर-राज्यीय साइबर अपराधियों पर कार्यवाही की जानकारी दी गई। CyTrain (साइट्रेन) पोर्टल के तहत राष्ट्रीय साइबर अपराध प्रशिक्षण केंद्र (NCTC) के इस ऑनलाइन लर्निंग प्लेटफॉर्म (Massive Open Online Course) के बारे में जानकारी दी गई। इस पोर्टल के माध्यम से कंप्यूटर ऑपरेटरों को साइबर अपराध जांच, डिजिटल फॉरेंसिक और सुरक्षा से जुड़े एडवांस कोर्स पूरे करने और विभागीय स्तर पर अपनी क्षमता बढ़ाने के निर्देश दिए गए।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सरगुजा द्वारा CCTNS कंप्यूटर ऑपरेटरों को कड़े निर्देश दिए गए हैं कि इन सभी तकनीकी पोर्टल्स का दैनिक पुलिसिंग में शत-प्रतिशत और सही उपयोग सुनिश्चित किया जाए, ताकि आम जनता को साइबर ठगी से बचाया जा सके और अपराधियों पर त्वरित कानूनी शिकंजा कसा जा सके। बैठक के दौरान उप पुलिस अधीक्षक श्री राकेश बघेल, सीसीटीएनएस शाखा प्रभारी उप निरीक्षक रश्मि सिंह, साइबर सेल प्रभारी सहायक उप निरीक्षक अजीत मिश्रा, महिला आरक्षक प्रिया रानी, आरक्षक लालदेव, प्रदीप केरकेट्टा, वीरेंद्र पैकरा एवं समस्त थाना/चौकी से CCTNS शाखा में कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटर्स उपस्थित रहे।