लुण्ड्रा। मामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि प्रार्थी द्वारा थाना लुण्ड्रा पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि दिनांक 15 सितंबर 2026 को ग्राम पंचायत दोरना में चार नग मवेशियों को कुछ व्यक्तियों द्वारा क्रूरता पूर्वक पैदल हांककर ले जाया जा रहा था। ग्रामीणों द्वारा संदेहियों से पूछताछ किए जाने पर उन्होंने अपना नाम राहुल पिता सर्वेश्वर, उम्र 20 वर्ष, निवासी तुरियावीरा, थाना लुण्ड्रा तथा राजकुमार, उम्र 23 वर्ष, निवासी तुरियाबीरा, थाना लुण्ड्रा बताया।
पूछताछ के दौरान दोनों संदेहियों ने उक्त मवेशियों को उदारी, थाना लुण्ड्रा निवासी बसारत अंसारी को बेचने तथा मवेशियों को झारखंड स्थित बुचड़खाने ले जाने की बात बताई। प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना लुण्ड्रा में संबंधित धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
विवेचना के दौरान पुलिस टीम ने प्रार्थी का कथन दर्ज कर घटनास्थल का निरीक्षण किया तथा आरोपियों के कब्जे से चार रास भैंसे बरामद कर जप्त किए। आरोपियों से घटना के संबंध में पूछताछ करने पर उन्होंने चारों भैंसों को क्रूरता पूर्वक पैदल हांककर बसारत अंसारी निवासी उदारी को बेचने की बात स्वीकार की।
आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने मामले में शामिल तीसरे आरोपी बसारत अंसारी पिता गुलाम रसूल, उम्र 52 वर्ष, निवासी उदारी, थाना लुण्ड्रा को पकड़ा। पूछताछ में उसके द्वारा उक्त मवेशियों को खरीदकर बुचड़खाने ले जाने की बात स्वीकार किए जाने की पुलिस ने जानकारी दी। प्रकरण में पर्याप्त अपराध-साक्ष्य पाए जाने पर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया।
पुलिस टीम की रही सक्रिय भूमिका
संपूर्ण कार्रवाई में थाना प्रभारी लुण्ड्रा निरीक्षक असफाक अहमद अंसारी, सहायक उप निरीक्षक सत्यनारायण सिंह मरावी, प्रधान आरक्षक मानिक राम, आरक्षक शिवप्रसाद खलखो, धीरेन्द्र कुमार, इबनूल खान एवं रियाजुल खान की सक्रिय भूमिका रही।