- 15 अगस्त से 26 सितंबर तक 43 दिनों में 7,067 जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।
- 2,36,100 से अधिक आम नागरिकों और विद्यार्थियों ने कार्यक्रमों में भाग लिया।
- सरगुजा रेंज में सबसे अधिक कार्यक्रम आयोजित कर प्रथम स्थान हासिल किया।
- स्कूल, कॉलेज, हाट-बाजार, ग्राम पंचायत और शासकीय कार्यालयों में कार्यक्रम हुए।
- अभियान 2 अक्टूबर तक लगातार जारी रहेगा, प्रत्येक सप्ताह नई रूपरेखा तय की गई है।
अंबिकापुर, पुलिस मुख्यालय रायपुर के निर्देशानुसार राज्यभर में चलाए जा रहे "साइबर जागृति अभियान" (15 अगस्त 2026 से 02 अक्टूबर 2026 तक) के तहत सरगुजा पुलिस द्वारा जिले में व्यापक स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। डीआईजी व एसएसपी सरगुजा श्री राजेश अग्रवाल के निर्देशन में तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सरगुजा व नोडल अधिकारी श्री रितेश चौधरी के नेतृत्व में जिले के प्रत्येक थाना व चौकी क्षेत्र, स्कूलों, कॉलेजों, हाट-बाजारों, ग्राम पंचायतों, शासकीय कार्यालयों, असंगठित क्षेत्रों में नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं एवं वरिष्ठ नागरिकों को साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
आंकड़ों के अनुसार, दिनांक 26.09.2026 की स्थिति में संपूर्ण सरगुजा रेंज के अंतर्गत सबसे अधिक 7,067 जागरूकता कार्यक्रम अकेले सरगुजा पुलिस द्वारा सफलता पूर्वक आयोजित किए गए हैं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से 2,36,100 आम नागरिकों एवं विद्यार्थियों की रिकॉर्ड भागीदारी दर्ज की गई है। सरगुजा पुलिस को नवाबिहान की टीम का सक्रिय साथ मिल रहा है और नागरिकों को जागरूक करने प्रतिदिन सैंकड़ों की संख्या में कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
अभियान को प्रभावी बनाने के लिए सरगुजा पुलिस ने पारंपरिक संवाद और आधुनिक माध्यमों का अनूठा समन्वय स्थापित किया है। पुलिस टीमें प्रतिदिन स्कूलों, कॉलेजों, कोचिंग संस्थानों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, हाट-बाजारों, बस स्टैंड तथा दूरस्थ ग्रामीण पंचायतों में स्वयं पहुंचकर कार्यक्रमों का आयोजन कर रही हैं। इन कार्यक्रमों में विशेषज्ञ पुलिस अधिकारी और साइबर सेल के एक्सपर्ट नागरिकों को आम जीवन में होने वाली डिजिटल धोखाधड़ी जैसे—ऑनलाइन जॉब फ्रॉड, शेयर मार्केट निवेश घोटाला, एपीके (APK) फाइलों के माध्यम से फोन हैकिंग, क्रेडिट/डेबिट कार्ड धोखाधड़ी और फर्जी सोशल मीडिया आईडी से ठगी के तरीकों का लाइव डेमो देकर समझा रहे हैं।
इस सघन जागरूकता अभियान से सरगुजा जिले के निवासियों को सीधा और त्वरित लाभ मिल रहा है। आमजन में अब यह समझ विकसित हो चुकी है कि अनजान नंबरों से आने वाली लॉटरी, फ्री गिफ्ट या केवाईसी (KYC) अपडेट कराने की कॉल्स पर अपनी गोपनीय वित्तीय जानकारी जैसे OTP, UPI PIN अथवा पासवर्ड साझा नहीं करना है। विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों और विद्यार्थियों को "डिजिटल अरेस्ट" (CBI या पुलिस अधिकारी बनकर डराना) तथा "सेक्सटॉर्शन" जैसे गंभीर अपराधों से बचाव की सही जानकारी मिली है।
यदि किसी नागरिक के साथ कोई संदिग्ध वित्तीय गतिविधि होती है, तो वे बिना भयभीत हुए तत्काल राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1930 अथवा पास के पुलिस थाने में संपर्क कर रहे हैं। इससे न केवल ऑनलाइन ठगी की घटनाओं में कमी आ रही है, बल्कि ठगी का शिकार हुए लोगों की राशि त्वरित रिफंड कराने में भी सहायता मिल रही है। सरगुजा पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति को अपना बैंक OTP, ATM PIN, UPI PIN या पासवर्ड न बताएं और न ही किसी अनजान लिंक पर क्लिक करें या संदिग्ध APK ऐप इंस्टॉल करें।