रोजवादामर में हजारों पेड़ों की कटाई, वनभूमि पर कब्जे की आशंका

रोजवादामर में हजारों पेड़ों की कटाई, वनभूमि पर कब्जे की आशंका

  • गम्हरिया के रोजवादामर में बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई का आरोप।
  • ग्रामीणों ने 100 एकड़ से अधिक वनभूमि प्रभावित होने का दावा किया।
  • कब्जे की तैयारी के लिए जगह-जगह मचान बनाए जाने की बात सामने आई।
  • वन प्रबंधन समिति के अध्यक्ष पर भी आरोप लगाए गए।
  • वन विभाग ने विधिसम्मत कार्रवाई और अवैध निर्माण हटाने का आश्वासन दिया।

बलरामपुर जिले के गम्हरिया क्षेत्र के रोजवादामर में हजारों पेड़ों की कटाई से हड़कंप मच गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग द्वारा कराए गए प्लांटेशन के पेड़ों को काटकर वनभूमि पर कब्जे की तैयारी की जा रही है। कई जगहों पर मचान बनाए जाने की बात भी सामने आई है।

ग्रामीणों के अनुसार रोजवादामर क्षेत्र में आंवला, बहेरा, हरे सहित औषधीय और बेशकीमती प्रजातियों के पौधे लगाए गए थे। आरोप है कि पिछले 15 से 20 दिनों से लगातार पेड़ों की कटाई हो रही है और अब तक 100 एकड़ से अधिक वनभूमि में हजारों पेड़ काटे जा चुके हैं। कुछ जगहों पर अभी भी कटाई जारी रहने का दावा किया गया है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि वनभूमि को अलग-अलग हिस्सों में बांटने और कब्जे की तैयारी के लिए जगह-जगह मचान बनाए गए हैं। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि गम्हरिया मुख्य मार्ग के पास वनभूमि पर खेती भी की जा रही है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

इसी मामले को लेकर ग्राम पंचायत गम्हरिया में बैठक भी हुई, जिसमें वन प्रबंधन समिति के सदस्य और ग्रामीण शामिल हुए। बैठक में मौजूदा अध्यक्ष जाकिर अंसारी को पद से हटाने और एक सप्ताह के भीतर नया चुनाव कराने की बात कही गई। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि समिति अध्यक्ष की भूमिका संदिग्ध रही है।

मामले पर रामानुजगंज रेंजर डॉक्टर दिलरुबा ए बानो ने कहा कि वन विभाग पूरे प्रकरण में विधिसम्मत कार्रवाई करेगा। उन्होंने बताया कि पहले वन प्रबंधन समिति के अध्यक्ष को हटाने की कार्रवाई की जाएगी, उसके बाद संयुक्त टीम के जरिए अवैध निर्माणों की जांच कर उन्हें ध्वस्त किया जाएगा। वनभूमि पर पेड़ों की कटाई और कथित कब्जे के मामले में भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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