दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना से शंभू बारी के परिवार को मिला आर्थिक संबल

दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना से शंभू बारी के परिवार को मिला आर्थिक संबल

  • शंभू बारी को योजना के तहत हर साल 10 हजार रुपये मिल रहे हैं।
  • यह राशि परिवार के जरूरी खर्चों में मददगार साबित हो रही है।
  • प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण से परिवार को पक्का घर मिला है।
  • पत्नी को महतारी वंदन योजना से हर महीने 1 हजार रुपये मिल रहे हैं।
  • परिवार ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार जताया है।

अम्बिकापुर जिले के उदयपुर विकासखण्ड के ग्राम पंचायत पतरापारा निवासी शंभू बारी के परिवार को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से आर्थिक और सामाजिक सहारा मिला है। भूमिहीन कृषि मजदूर होने के कारण उनकी आर्थिक स्थिति पहले कमजोर थी, लेकिन अब दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के तहत उन्हें हर वर्ष 10 हजार रुपये की सहायता मिल रही है।

शंभू बारी ने बताया कि नियमित आय का कोई स्थायी साधन न होने के कारण परिवार को अचानक आने वाले खर्चों और बीमारी के समय काफी परेशानी होती थी। योजना से मिलने वाली राशि घरेलू जरूरतों, इलाज और अन्य आवश्यक कार्यों में उपयोगी साबित हो रही है। इससे परिवार को थोड़ी आर्थिक स्थिरता मिली है।

उनके परिवार को प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण का भी लाभ मिला है। शासन की ओर से उपलब्ध कराई गई भूमि पर पक्का मकान बनने से अब परिवार सुरक्षित आवास में रह रहा है। लंबे समय से पक्के घर की समस्या झेल रहे परिवार के लिए यह बड़ी राहत रही है।

इसके साथ ही शंभू बारी की पत्नी को महतारी वंदन योजना के तहत प्रतिमाह 1 हजार रुपये की सहायता मिल रही है। यह राशि घर के छोटे-मोटे खर्चों को पूरा करने में मदद कर रही है। शंभू बारी ने कहा कि इन योजनाओं से उनके परिवार को आर्थिक सहयोग, पक्का आवास और बेहतर जीवन का आधार मिला है।

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