- पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने अटल विहार योजना, सरगवां से अभियान का शुभारंभ किया।
- वृक्षारोपण के साथ बाउंड्रीवाल और ओपन जिम का लोकार्पण।
- अभियान का उद्देश्य: प्रकृति संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन और मातृशक्ति का सम्मान।
- गृह निर्माण मंडल अध्यक्ष अनुराग सिंह देव ने बताया कि अन्य आवासीय योजनाओं और कॉलोनियों में भी अभियान संचालित होगा।
- सरगवां में 9.70 एकड़ भूमि पर 251 भवनों का निर्माण और विकास कार्य पूर्ण।
अंबिकापुर, – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्रव्यापी वृक्षारोपण अभियान “एक पेड़ माँ के नाम” को आगे बढ़ाते हुए छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल ने अंबिकापुर से इस अभियान की शुरुआत की।
कार्यक्रम का आयोजन सरगवां स्थित अटल विहार योजना में किया गया, जहाँ पर्यटन, संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री राजेश अग्रवाल ने वृक्षारोपण किया और बाउंड्रीवाल एवं ओपन जिम का लोकार्पण किया।
मंत्री ने कहा कि यह अभियान केवल वृक्षारोपण नहीं, बल्कि मातृशक्ति के सम्मान और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में अब तक सवा सात करोड़ पौधे लगाए जा चुके हैं।
मंडल की पहल
गृह निर्माण मंडल अध्यक्ष अनुराग सिंह देव ने कहा कि यह अभियान अन्य आवासीय योजनाओं और कॉलोनियों में भी चरणबद्ध रूप से संचालित होगा। इसका उद्देश्य हरित क्षेत्र को बढ़ावा देना और कॉलोनियों को अधिक स्वच्छ, सुंदर एवं पर्यावरण-अनुकूल बनाना है।
सरगवां योजना का विकास
- 9.70 एकड़ भूमि पर ₹3859.22 लाख की लागत से 251 भवनों का निर्माण।
- भवनों में 14 HIG, 12 Sr. MIG, 40 Jr. MIG, 63 LIG और 122 EWS शामिल।
- बाउंड्रीवाल, WMM सड़क और अन्य विकास कार्य पूर्ण।
- कॉलोनीवासियों को बेहतर आवासीय वातावरण और मूलभूत सुविधाएँ उपलब्ध।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ
कॉलोनी के नन्हे बच्चों ने वृक्षों के महत्व और पर्यावरण संरक्षण पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दीं। बच्चों की प्रस्तुतियों ने अभियान के भावनात्मक संदेश को प्रभावी रूप से सामने रखा।
उपस्थितजन
कार्यक्रम की अध्यक्षता सांसद चिंतामणि महाराज ने की। विशिष्ट अतिथियों में अंबिकापुर महापौर मंजूषा भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष निरुपा सिंह, नगर निगम सभापति हरमिन्दर सिंह टिन्नी, जिला पंचायत सदस्य दिव्या सिंह सिसोदिया, भारत सिंह सिसोदिया, अखिलेश सोनी सहित अन्य जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और कॉलोनीवासी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में जनप्रतिनिधियों और मंडल अधिकारियों ने अधिक से अधिक पौधरोपण और उनके संरक्षण का संकल्प लिया।