- खरसिया नाका चौक क्षेत्र में बारिश के दौरान जलभराव की समस्या का निरीक्षण।
- लुचकी घाट से खरसिया नाका चौक तक प्रस्तावित सड़क निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा।
- सड़क निर्माण के साथ प्रभावी जल निकासी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश।
- शासकीय भूमि का सर्वे कर जल निकासी व्यवस्था बनाने एवं अवैध अतिक्रमण हटाने के निर्देश।
- निविदा प्रक्रिया पूर्ण, निर्माण कार्य मेसर्स जवाहरलाल गुप्ता, ठेकेदार को प्राप्त।
- तकनीकी मानकों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध कार्य सुनिश्चित करने पर जोर।
अंबिकापुर, – कलेक्टर श्री अजीत वसंत ने आज खरसिया नाका चौक पहुंचकर क्षेत्र में जलभराव की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने लुचकी घाट से खरसिया नाका चौक तक राष्ट्रीय राजमार्ग पर बारिश के दौरान होने वाले जलभराव की समस्या के समाधान हेतु प्रस्तावित सड़क निर्माण कार्य की प्रगति की जानकारी ली।
कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सड़क निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जाए और इसके साथ प्रभावी जल निकासी व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने अंबिकापुर एसडीएम को शासकीय भूमि का सर्वे कर जल निकासी की व्यवस्था बनाने तथा नहर में अवैध अतिक्रमण का निरीक्षण कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
निर्माण कार्य
लुचकी घाट से खरसिया नाका चौक, रेलवे स्टेशन एवं सीतापुर के शहरी क्षेत्र को शामिल करते हुए नवीन सड़क निर्माण कार्य स्वीकृत किया गया है। निविदा प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है और निर्माण कार्य मेसर्स जवाहरलाल गुप्ता, ठेकेदार, अंबिकापुर को प्राप्त हुआ है।
राष्ट्रीय राजमार्ग के कार्यपालन अभियंता श्री आर.डी. ताम्रे ने बताया कि लुचकी घाट से खरसिया नाका चौक तक तथा गांधी चौक से रेलवे स्टेशन तक सीसी रोड का निर्माण किया जाएगा। साथ ही जल निकासी की समुचित व्यवस्था भी की जाएगी ताकि बारिश के दौरान सड़क पर जलभराव की समस्या दूर हो सके।
कलेक्टर के निर्देश
कलेक्टर श्री वसंत ने कहा कि सड़क निर्माण एवं जल निकासी से संबंधित सभी कार्य तकनीकी मानकों के अनुरूप हों और गुणवत्तापूर्ण तरीके से समयबद्ध पूर्ण किए जाएं। उन्होंने अधिकारियों को नियमित निगरानी करने और कार्य की प्रगति की जानकारी समय-समय पर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान अपर कलेक्टर श्री सुनील नायक, एसडीएम श्री बनसिंह नेताम, राष्ट्रीय राजमार्ग एसडीओ श्री निखिल लकड़ा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।