PWD मंत्री की प्राथमिकता में नहीं सड़क: शहपुरा पुल पर अजय बिश्नोई ने अपनी ही सरकार को घेरा, सीएम से जल्द निर्माण कराने की मांग

PWD मंत्री की प्राथमिकता में नहीं सड़क: शहपुरा पुल पर अजय बिश्नोई ने अपनी ही सरकार को घेरा, सीएम से जल्द निर्माण कराने की मांग

  • पाटन विधायक और पूर्व मंत्री अजय बिश्नोई ने शहपुरा पुल निर्माण को लेकर सरकार पर सवाल उठाए।
  • सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर कहा – “PWD मंत्री की प्राथमिकता में सड़क नहीं है।”
  • नेशनल हाईवे-45 पर शहपुरा का पुल पांच महीने से क्षतिग्रस्त, पाटन मार्ग पर ट्रैफिक बढ़ा।
  • मुख्यमंत्री से जल्द पुल निर्माण कराने की मांग।

विस्तृत समाचार

जबलपुर,  – नेशनल हाईवे-45 पर शहपुरा का क्षतिग्रस्त पुल और पाटन मार्ग पर बढ़ते ट्रैफिक को लेकर पाटन विधायक एवं पूर्व मंत्री अजय बिश्नोई ने अपनी ही सरकार को घेरा है।

उन्होंने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर लिखा कि – "शहपुरा पुल पांच महीने से क्षतिग्रस्त है, लेकिन PWD मंत्री की प्राथमिकता में सड़क नहीं है।"

बिश्नोई ने कहा कि पुल की मरम्मत और निर्माण कार्य में देरी से आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री से जल्द पुल निर्माण कराने की मांग की है। 


 पुल की स्थिति और जनता की परेशानी

शहपुरा पुल के क्षतिग्रस्त होने से पाटन मार्ग पर ट्रैफिक का दबाव लगातार बढ़ रहा है। भारी वाहनों के गुजरने से सड़क पर जाम की स्थिति बन जाती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुल की मरम्मत न होने से रोज़ाना घंटों तक जाम में फंसे रहना पड़ता है।

पुल के क्षतिग्रस्त हिस्से से गुजरते समय वाहन चालकों को दुर्घटना का डर बना रहता है। कई बार छोटे वाहन और दोपहिया चालक असंतुलित होकर गिर चुके हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पुल की मरम्मत में देरी से उनकी सुरक्षा खतरे में है।

विधायक का बयान

अजय बिश्नोई ने कहा कि सड़क और पुल जनता की जीवनरेखा हैं। यदि इन्हें प्राथमिकता नहीं दी जाएगी तो विकास की बात करना बेमानी है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को इस मामले में तुरंत संज्ञान लेना चाहिए और निर्माण कार्य शुरू कराना चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि जनता ने सरकार को विकास के लिए चुना है, लेकिन यदि बुनियादी ढांचा ही उपेक्षित रहेगा तो जनता का विश्वास टूटेगा।

 राजनीतिक महत्व

बिश्नोई का यह बयान इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि वह सत्तारूढ़ दल के विधायक हैं। अपनी ही सरकार पर सवाल उठाना यह दर्शाता है कि स्थानीय स्तर पर जनता की नाराजगी बढ़ रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि पुल का निर्माण जल्द नहीं हुआ तो यह मुद्दा राजनीतिक रूप से और बड़ा हो सकता है।

प्रशासनिक स्थिति

PWD विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पुल की मरम्मत के लिए प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। लेकिन अभी तक निर्माण की तारीख तय नहीं हुई है। स्थानीय प्रशासन ने पुल पर यातायात नियंत्रित करने के लिए अस्थायी व्यवस्था की है, लेकिन यह पर्याप्त नहीं है।

जनता की मांग

स्थानीय व्यापारियों और किसानों ने भी पुल की मरम्मत की मांग की है। उनका कहना है कि पुल खराब होने से माल ढुलाई प्रभावित हो रही है। किसानों को अपनी उपज मंडी तक पहुंचाने में दिक्कत हो रही है। व्यापारियों का कहना है कि ट्रैफिक जाम से समय और धन दोनों की बर्बादी हो रही है।

शहपुरा पुल की खराब स्थिति अब केवल एक तकनीकी समस्या नहीं रही, बल्कि यह जनता की सुरक्षा और विकास से जुड़ा बड़ा मुद्दा बन गया है। विधायक अजय बिश्नोई का अपनी ही सरकार पर सवाल उठाना इस बात का संकेत है कि जनता की नाराजगी को अब राजनीतिक प्रतिनिधि भी खुलकर सामने ला रहे हैं।

एक टिप्पणी भेजें

और नया पुराने