- कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव ने घटनास्थल का निरीक्षण किया
- पीड़ित बच्चियों और परिजनों से एकांत में मुलाकात
- पुलिस और प्रशासन पर मामले को दबाने का आरोप
- दोषी दरोगा और चिकित्सक पर कानूनी कार्रवाई की मांग
- कांग्रेस जांच दल दो दिनों में रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा
- प्रशासनिक रवैये में बदलाव न होने पर कांग्रेस करेगी आगे की कार्रवाई
⚠️ घटना का निरीक्षण
अंबिकापुर, – नाबालिग आदिवासी बच्चियों के सामूहिक अनाचार की घटना को लेकर कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव एवं छत्तीसगढ़ सहप्रभारी सुश्री जरिता लैतफलांग ने ग्राम वंदना का दौरा किया।
उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ ही पीड़ित बच्चियों और उनके परिजनों से एकांत में मुलाकात कर घटना की विस्तृत जानकारी ली।
📑 कांग्रेस की प्रतिक्रिया
सुश्री लैतफलांग ने कहा कि बच्चियों द्वारा सुनाई गई घटना का विवरण भयावह और रौंगटे खड़े करने वाला है।
उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस और प्रशासन ने मामले को दबाने की कोशिश की और अब भी पीड़ितों को धमकाया जा रहा है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि वही दरोगा विवेचना कर रहा है जिसने प्रारंभिक दौर में अपराध दर्ज ही नहीं किया था।
साथ ही उस चिकित्सक के विरुद्ध भी कोई कार्रवाई नहीं हुई जिसने गलत रिपोर्ट जारी की थी।
उन्होंने मांग की कि इन दोनों पर साक्ष्य मिटाने के आरोप में कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
👥 राजनीतिक बयान
कांग्रेस सचिव ने कहा कि प्रदेश के मुखिया आदिवासी हैं, लेकिन इस घटना पर उनका कोई बयान न आना बताता है कि वे आदिवासियों के हितैषी नहीं हैं।
उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि महिला सम्मान की बात करने के बावजूद उनके शासन में महिला अत्याचार बढ़े हैं और आरोपियों को संरक्षण मिल रहा है।
इसे उन्होंने भाजपा का दोहरा चरित्र बताया।
📑 आगे की कार्यवाही
कांग्रेस जांच दल ने कहा कि मामले की निष्पक्ष विवेचना आवश्यक है।
दल अपनी रिपोर्ट आगामी दो दिनों में प्रस्तुत करेगा।
कांग्रेस प्रतिनिधि लगातार पीड़ित परिवारों के संपर्क में हैं।
यदि प्रशासन अपना रवैया नहीं बदलता तो कांग्रेस आगे की कानूनी और राजनीतिक कार्रवाई करेगी।
📍 ग्राम वंदना की इस घटना ने प्रशासनिक कार्यशैली और महिला सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए वह हर स्तर पर संघर्ष करेगी।