📰 समाचार रिपोर्ट |
📅 अंबिकापुर,
📍 जिला सरगुजा, छत्तीसगढ़
🔫 विवाद से शुरू होकर फायरिंग तक पहुँचा मामला
17 जनवरी को टुन्ना सिंह उर्फ मृत्युंजय सिंह और हनी सिंह उर्फ अमृताश सिंह के बीच एक युवती को लेकर विवाद शुरू हुआ।
- पहले गांधी चौक प्रीमियम वाइन शॉप के पास झगड़ा हुआ।
- इसके बाद अंबेडकर चौक पर टुन्ना सिंह ने हनी सिंह की कार को पीछे से टक्कर मार दी और मारपीट की।
- दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के घर जाकर गाली-गलौज और झगड़े की भी कोशिश की।
18 जनवरी को पुलिस ने दोनों पक्षों से बातचीत कर मामला शांत करने की कोशिश की थी, लेकिन कार्रवाई न होने का नतीजा बाद में गंभीर रूप में सामने आया।
🚨 फायरिंग से फैला हड़कंप
6 फरवरी की शाम हनी सिंह ने पीछा किए जाने पर अपने घर पहुँचकर हवा में फायरिंग कर दी।
- फायरिंग की आवाज से इलाके में हड़कंप मच गया।
- मौके पर पहुँचे एडिशनल एसपी अमोलक सिंह ढिल्लों और टीम को शुरुआत में कुछ नहीं मिला।
- लेकिन सरगुजा आईजी दीपक झा के निर्देश पर विस्तृत जांच की गई।
- जांच में पुष्टि हुई कि हनी सिंह ने बंदूक से फायर किया था, जिससे आसपास के दुकानदारों और नागरिकों में भय का माहौल बना।
⚖️ पुलिस की कार्रवाई
- आरोपी के विरुद्ध थाना कोतवाली में अपराध क्रमांक 77/26 दर्ज किया गया।
- धाराएँ: आयुध अधिनियम 1959 की धारा 25, 27 एवं 125 बी.एन.एस.
- आरोपी के घर से एयर गन बरामद की गई।
🕴 टुन्ना सिंह और हनी सिंह की पृष्ठभूमि
- टुन्ना सिंह: शहर में सट्टा किंग के नाम से मशहूर, अरबों की संपत्ति का मालिक, देशभर में नेटवर्क फैला हुआ। पुलिस से गहरे संबंध होने के आरोपों के कारण अब तक गिरफ्तारी से बचा हुआ।
- हनी सिंह: राजनीति से जुड़ाव और परिवार का मजबूत समर्थन।
👩 युवती का मायावी जाल
17 जनवरी के विवाद में युवती को अहम वजह माना जा रहा है।
- उसका नेटवर्क शहर के बड़े व्यवसायियों और सफेदपोश लोगों से जुड़ा बताया जा रहा है।
- आरोप है कि वह सेक्स रैकेट से भी जुड़ी हुई है।
📍 आईजी दीपक झा के निर्देश पर कार्रवाई शुरू हुई है। अब देखना होगा कि सट्टा किंग मृत्युंजय सिंह और उसके संरक्षण में शामिल पुलिसकर्मियों पर कब तक कार्रवाई होती है।