- कांग्रेस ने फैसले को अधूरा न्याय बताते हुए NIA की जांच पर सवाल उठाए।
- आरोप: NIA ने जांच को छोटे नक्सलियों तक सीमित रखा, बड़े नेताओं और राजनीतिक षड्यंत्र की अनदेखी की।
- कांग्रेस ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद SIT जांच कर सकती है।
- कांग्रेस ने फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने की घोषणा की।
- पत्रकार वार्ता में कांग्रेस जिलाध्यक्ष बालकृष्ण पाठक, उपाध्यक्ष जे.पी. श्रीवास्तव, नेता प्रतिपक्ष शफी अहमद, महामंत्री द्वितेंद्र मिश्रा सहित कई पदाधिकारी उपस्थित।
अंबिकापुर, – झीरम घाटी हमले के 13 वर्ष बाद आए NIA कोर्ट के फैसले को कांग्रेस ने “आधा-अधूरा न्याय” करार दिया है। सरगुजा जिला कांग्रेस कमेटी ने राजीव भवन में पत्रकार वार्ता आयोजित कर इस विषय पर अपनी प्रतिक्रिया दी।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष बालकृष्ण पाठक ने कहा कि NIA शुरुआत से ही दिशाहीन जांच कर रही थी। बड़े नक्सली नेताओं की गिरफ्तारी और समर्पण के बावजूद उनके खिलाफ न तो चार्जशीट दाखिल की गई और न ही पूछताछ कर राजनीतिक षड्यंत्र को उजागर करने का प्रयास किया गया। उन्होंने बताया कि पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव ने कई साक्ष्य NIA को दिए थे, लेकिन उन्हें अनदेखा किया गया।
प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष जे.पी. श्रीवास्तव ने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में SIT का गठन किया गया था, लेकिन NIA ने न्यायालय से स्टे लेकर जांच रोक दी। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद SIT जांच कर सकती है, लेकिन वर्तमान सरकार चुप्पी साधे हुए है।
निगम में नेता प्रतिपक्ष शफी अहमद ने कहा कि कांग्रेस न्यायालय के निर्णय का सम्मान करती है, लेकिन सवाल भाजपा सरकार और NIA से है कि उन्होंने मामले की तह तक जांच क्यों नहीं की। FIR में दर्ज प्रमुख नक्सली कमांडरों जैसे गणपति और रमन्ना का नाम चार्जशीट से हटाना NIA की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा करता है।
प्रदेश कांग्रेस महामंत्री द्वितेंद्र मिश्रा ने कहा कि 13 वर्ष बाद आया यह फैसला निराशाजनक है क्योंकि NIA ने दोषियों को सामने कम लाया और छुपाया अधिक। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा शासनकाल में इस घटना को लेकर लीपापोती की गई और इसके तार तत्कालीन भाजपा सरकार से जुड़े हुए प्रतीत होते हैं।
उपस्थितजन
कार्यक्रम में अजय अग्रवाल, राकेश गुप्ता, हेमंत सिन्हा, मो. इस्लाम, इंद्रजीत सिंह धंजल, नुरुल अमीन सिद्दकी, लोकेश कुमार, जमील खान, नरेंद्र विश्वकर्मा, दिनेश शर्मा, आशीष जायसवाल, अविनाश कुमार, विकास शर्मा सहित अनेक कांग्रेस पदाधिकारी उपस्थित रहे।
कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि न्याय के लिए पार्टी सुप्रीम कोर्ट तक जाएगी और झीरम घाटी हमले के पीछे के असली षड्यंत्रकारियों को उजागर करने की मांग जारी रखेगी।