सेवा संकल्प अभियान से उमेश प्रसाद गुप्ता की खेती को मिली नई सुविधा, अतिरिक्त आय की जगी उम्मीद
अम्बिकापुर, सेवा संकल्प अभियान के तहत जनकल्याणकारी योजनाओं से ग्रामीण परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव की कहानियां सामने आ रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण, सिंचाई सुविधा और आजीविका के नए अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का लाभ हितग्राहियों को मिल रहा है।
इसी कड़ी में अम्बिकापुर विकासखंड के ग्राम पंचायत बकिरमा निवासी उमेश प्रसाद गुप्ता की निजी भूमि पर डबरी निर्माण होने से उन्हें खेती के लिए सिंचाई का साधन मिला है। वहीं मत्स्य विभाग से मछली बीज मिलने के बाद उन्होंने डबरी में मछली पालन भी शुरू कर दिया है, जिससे भविष्य में अतिरिक्त आय की उम्मीद जगी है।
सिंचाई की समस्या से मिली राहत
उमेश प्रसाद गुप्ता बताते हैं कि पहले उनकी भूमि पर सिंचाई का पर्याप्त साधन उपलब्ध नहीं था। पानी की व्यवस्था नहीं होने के कारण खेती के कार्य में परेशानी होती थी। ग्रामीण रोजगार योजना के तहत उनकी निजी भूमि पर डबरी निर्माण के लिए 3 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई। इसके बाद डबरी की खुदाई का कार्य पूरा कराया गया।
डबरी निर्माण के बाद अब खेत में पानी की उपलब्धता बढ़ी है और सिंचाई के लिए एक स्थायी जल स्रोत का सहारा मिला है।
डबरी में शुरू किया मछली पालन
डबरी निर्माण का लाभ केवल सिंचाई तक सीमित नहीं रहा। उमेश प्रसाद गुप्ता को मत्स्य पालन के लिए मत्स्य विभाग की ओर से मछली बीज भी उपलब्ध कराया गया। उन्होंने डबरी में मत्स्य बीज डालकर मछली पालन की शुरुआत कर दी है।
उनका कहना है कि मछलियां तैयार होने के बाद उनकी बिक्री से अतिरिक्त आमदनी प्राप्त होगी। इससे खेती के साथ परिवार के लिए आय का एक और माध्यम विकसित होने की उम्मीद है।
एक ही जल संरचना से सिंचाई और आजीविका
उमेश ने बताया कि अपनी ही भूमि पर बनी डबरी से एक ओर सिंचाई की सुविधा मिली है, वहीं दूसरी ओर इसी जल संरचना का उपयोग मछली पालन के लिए किया जा रहा है। इससे उपलब्ध जल संसाधन का बेहतर उपयोग होने के साथ आजीविका के नए अवसर भी बढ़े हैं।
“सिंचाई का साधन मिला, मछली पालन से होगी अतिरिक्त आय”
हितग्राही उमेश प्रसाद गुप्ता ने योजना से मिले लाभ पर खुशी जाहिर करते हुए बताया कि पहले उनके पास सिंचाई का पर्याप्त साधन नहीं था। अब डबरी का निर्माण पूरा हो चुका है और मछली पालन के लिए मत्स्य बीज भी प्राप्त हुआ है।
उन्होंने उम्मीद जताई कि मछली पालन से आने वाले समय में अतिरिक्त लाभ मिलेगा और इससे परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में मदद मिलेगी। योजना का लाभ मिलने पर उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया।
जल संरक्षण के साथ बढ़ रहे आजीविका के अवसर
डबरी जैसी जल संरचनाएं ग्रामीण क्षेत्रों में वर्षा जल के संरक्षण के साथ खेतों में सिंचाई की सुविधा बढ़ाने में उपयोगी साबित हो रही हैं। वहीं इन जल संरचनाओं में मत्स्य पालन जैसी गतिविधियों को जोड़ने से हितग्राहियों के लिए अतिरिक्त आय के अवसर भी तैयार हो रहे हैं।
उमेश प्रसाद गुप्ता की कहानी जल संरक्षण, खेती और आजीविका को एक साथ जोड़कर ग्रामीण परिवारों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में योजनाओं के प्रभाव को दर्शाती है।