मेहता पॉइंट पर पर्यटकों से 20 से 150 रुपये तक एंट्री फीस वसूली का आरोप।- रसीद नहीं दिए जाने से पर्यटकों में नाराजगी।
- मेहता पॉइंट का टेंडर छह महीने पहले ही समाप्त।
- सुविधाओं के नाम पर झूले गायब, शेड से पानी टपक रहा।
- पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने अधिकारियों को जांच के निर्देश दिए।
अंबिकापुर, – छत्तीसगढ़ का शिमला कहलाने वाला मैनपाट अपनी खूबसूरत वादियों के लिए प्रसिद्ध है। लेकिन यहां आने वाले पर्यटक मेहता पॉइंट पर पहुंचते ही निराश हो रहे हैं। आरोप है कि एंट्री फीस के नाम पर 20 से 150 रुपये तक वसूले जा रहे हैं, लेकिन रसीद तक नहीं दी जा रही।
जानकारी के अनुसार, मेहता पॉइंट का टेंडर करीब छह महीने पहले ही समाप्त हो चुका है। ऐसे में बिना नई टेंडर प्रक्रिया के शुल्क वसूली ने पूरी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पर्यटकों का कहना है कि पैसे तो लिए जा रहे हैं, लेकिन सुविधाओं के नाम पर झूले गायब हैं और शेड से पानी टपक रहा है।
सरकार जहां मैनपाट को पर्यटन का बड़ा केंद्र बनाने की बात कर रही है, वहीं जमीनी हकीकत पर्यटकों को निराश कर रही है। मामले में पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने अधिकारियों को जांच के निर्देश दिए हैं।
प्रतिक्रियाएं
- रमेश मेहर, पर्यटक: “हमसे टिकट के नाम पर पैसे लिए गए, लेकिन रसीद नहीं दी गई। यह गलत है।”
- प्रकाश, टिकट काउंटर कर्मचारी: “हम तो निर्देशानुसार ही शुल्क ले रहे हैं, रसीद न देने की बात जांच का विषय है।”
- राजेश अग्रवाल, पर्यटन मंत्री: “मैंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मामले की जांच की जाए और यदि अनियमितता पाई जाती है तो कार्रवाई होगी।”
मैनपाट की खूबसूरती बरकरार है, लेकिन मेहता पॉइंट की व्यवस्था पर सवाल लगातार उठ रहे हैं। अब देखना होगा कि जांच के बाद क्या ठोस कार्रवाई होती है या यह मामला यूं ही दबा दिया जाएगा।