हर बच्चे तक पहुंचे पोलियो की सुरक्षा का कवच: पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने पिलाई जीवनरक्षक खुराक

हर बच्चे तक पहुंचे पोलियो की सुरक्षा का कवच: पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने पिलाई जीवनरक्षक खुराक

  • लखनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान का शुभारंभ
  • मंत्री राजेश अग्रवाल ने बच्चों को पोलियो की दो बूंद पिलाई
  • अभिभावकों से आह्वान— “दो बूंद हर बार, पोलियो पर जीत बरकरार”
  • छत्तीसगढ़ में 36 लाख बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का लक्ष्य
  • देशभर में लगभग 17 करोड़ बच्चों तक पहुंचने का लक्ष्य

अंबिकापुर, – राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान का शुभारंभ आज अंबिकापुर जिले के लखनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से हुआ। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को पोलियो की जीवनरक्षक दो बूंद पिलाकर अभियान का औपचारिक शुभारंभ किया।

🗣️ मंत्री का संदेश

मंत्री ने कहा कि प्रत्येक बच्चे का स्वस्थ और सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करना सरकार और समाज दोनों की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने परिवार और आसपास के हर बच्चे को पोलियो की खुराक दिलवाएं। “दो बूंद हर बार, पोलियो पर जीत बरकरार” केवल एक नारा नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को आजीवन स्वस्थ रखने का राष्ट्रीय संकल्प है।

👥 स्वास्थ्यकर्मियों की सराहना

मंत्री ने स्वास्थ्य विभाग, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, मितानिनों, आशा कार्यकर्ताओं और स्वयंसेवी संगठनों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इनके समर्पित प्रयासों से राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है।

📊 अभियान का लक्ष्य – छत्तीसगढ़

  • 35,98,904 (करीब 36 लाख) बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का लक्ष्य
  • 14,396 पोलियो बूथ स्थापित
  • 28,791 टीमें और 57,000 से अधिक स्वास्थ्यकर्मी तैनात
  • 28 जून को बूथ दिवस, 29 और 30 जून को घर-घर जाकर बच्चों को खुराक दी जाएगी
  • विशेष फोकस: दूरस्थ वनांचल, शहरी मलिन बस्तियां, ईंट-भट्ठे, निर्माण स्थल और प्रवासी समुदाय

🌍 राष्ट्रीय स्तर पर लक्ष्य

देशभर में लगभग 17 करोड़ बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का लक्ष्य रखा गया है। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि हल्की सर्दी, खांसी या सामान्य बुखार होने पर भी बच्चों को पोलियो ड्रॉप्स पिलाई जा सकती हैं।

📍 पोलियोमुक्त भारत और पोलियोमुक्त छत्तीसगढ़ की पहचान बनाए रखने के लिए प्रत्येक परिवार की सहभागिता आवश्यक है। यही स्वस्थ बचपन, सुरक्षित भविष्य और सशक्त राष्ट्र की सबसे मजबूत नींव है।

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